जयपुर 15 अप्रैल | अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ एकीकृत, राजस्थान राज्य कर्मचारी संघ तथा अखिल राजस्थान तकनीकी एवं वाहन चालक कर्मचारी संघ ने राज्य सरकार तथा निजी अस्पतालों की लड़ाई के बीच एक बार फिर से 15 लाख सरकारी कर्मचारी एवं पेंशनर्स तथा उनके परिवारों के लिए आरजीएचएस के अंतर्गत निजी अस्पतालों द्वारा फ्री इलाज एवं अनुमोदित केमिस्ट द्वारा निशुल्क दवा बंद किए जाने के खिलाफ सरकार को कड़ी चेतावनी दी है। कर्मचारी महासंघ के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष देवेंद्र सिंह नरूका ने कहा कि सरकार एवं निजी अस्पतालों द्वारा बार-बार ऐसा करना अब रोज-रोज का काम हो गया है। गत वर्ष भी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ की अगुवाई में पूरे राज्य में 1 घंटे कार्य बहिष्कार एवं आंदोलन की चेतावनी के बाद सरकार ने महासंघ से वार्ता कर इलाज शुरू करवाया था अब फिर से वही हालात पैदा हो गए हैं, जिसके कारण कर्मचारियों और पेंशनर्स तथा उनके परिवारजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है तथा उनमें आक्रोश उत्पन्न हो रहा है । गंभीर स्थितियों के ऑपरेशन भी टाले जा चुके हैं तथा सरकारी अस्पतालों में जबरदस्त भीड़ बढ़ गई है जिससे घंटों इंतजार के बावजूद भी मरीज को बिना इलाज करवाए वापस लौटना पड़ रहा है।
नरूका ने एक तत्काल मीटिंग बुलाई गई तथा सरकार को चेतावनी दी गई कि सरकार कर्मचारियों एवं पेंशनर्स के साथ आए दिन इस तरह का खिलवाड़ नहीं करें क्योंकि कर्मचारी आजीवन अपने वेतन से प्रतिमाह अनिवार्य कटौती करवाता है उसके बावजूद फ्री चिकित्सा सुविधा से वंचित होना पड़ रहा है। सरकार की नीति देखते हुए कर्मचारियों को आशंका है कि यह सब आरजीएचएस सुविधा का निजीकरण करते हुए इसे प्राइवेट इंश्योरेंस कंपनियों को देने के लिए वातावरण बनाया जा रहा है ताकि कहा जा सके कि निजी अस्पताल एवं केमिस्ट सहयोग नहीं कर रहे इसलिए इसे निजी इंश्योरेंस कंपनियों को देना पड़ा । प्रदेश अध्यक्ष के वापस आते ही शीघ्र ही महासमिति की बैठक बुलाकर आंदोलन प्रारंभ किया जाएगा । बैठक में देवेंद्र सिंह नरूका, शेर सिंह यादव, बहादुर सिंह राठौड़, अजयवीर सिंह राठौड़, प्रकाश यादव, ओम प्रकाश चौधरी, राहुल यादव, शशि शर्मा, पप्पू शर्मा सहित अनेक कर्मचारी नेता मौजूद रहे ।
