जयपुर, 14 जून। गीता गायत्री मंदिर में पंडित राजकुमार चतुर्वेदी के सानिध्य मे चल रही भागवत कथा में कृष्ण-रुक्मिणी विवाह उत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। मंदिर प्रवक्ता नीतीश चैतन्य चतुर्वेदी ने बताया कि इस अवसर पर मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी झालरों, पताकाओं और गुब्बारों से आकर्षक रूप से सजाया गया।
कथा के दौरान वृंदावन धाम के कथावाचक पंडित श्याम नारायण शास्त्री ने रुक्मिणी विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने बताया कि जो श्रद्धालु श्रद्धा और एकाग्रता के साथ कृष्ण-रुक्मिणी विवाह प्रसंग का श्रवण करते हैं, उनके दांपत्य जीवन में सुख, शांति और मधुरता का संचार होता है तथा भगवान की कृपा से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।
उत्सव के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की भव्य बारात निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए शामिल हुए। इसके पश्चात श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह एवं वरमाला झांकी का मंचन किया गया, जिसने उपस्थित भक्तों को भाव-विभोर कर दिया। विवाह उत्सव के अवसर पर श्रद्धालुओं ने बधाई गीत गाए, वहीं महिलाओं ने पारंपरिक मंगल गीतों की प्रस्तुति देकर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्म लाभ प्राप्त किया।
