जयपुर, 16 जून | राजस्थान शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चौधरी ने राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि राजस्थान में 2008 से नियुक्त पच्चीस हजार प्रबोधकों के साथ प्रबोधक पदनाम के कारण घोर भेदभाव किया जा रहा है। चौधरी ने कहा कि ये सभी प्रबोधक तृतीय श्रेणी शिक्षकों के समान कार्य कर रहे हैं। इनकी योग्यता, वेतनमान और अन्य सभी सेवाएं तृतीय श्रेणी शिक्षकों के समान हैं। फिर भी केवल पदनाम अलग होने से इन्हें पदोन्नति एवं अन्य परिलाभों से वंचित रखा जा रहा है। न्होंने मांग की कि सरकार तुरंत प्रबोधकों का पदनाम बदलकर अध्यापक करे तथा तृतीय श्रेणी शिक्षकों को मिलने वाले समस्त परिलाभ, पदोन्नति एवं अन्य सुविधाएं इन्हें भी प्रदान करे। यदि सरकार ने मांगें नहीं मानीं तो राजस्थान शिक्षक संघ प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करेगा।
इसी क्रम में आज अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में प्रबोधक का पदनाम बदलकर अध्यापक किए जाने तथा तृतीय श्रेणी शिक्षकों के समान समस्त सेवा लाभ दिए जाने की मांग की गई।
