जयपुर, 14 । चेक अनादरण (बाउंस) के एक महत्वपूर्ण मामले में न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए अभियुक्त को सजा सुनाई है। विशिष्ट न्यायिक मजिस्ट्रेट एन.आई. एक्ट कोर्ट क्रम संख्या 9, जयपुर महानगर प्रथम द्वारा अभियुक्त दीपक अग्रवाल को दोषी करार देते हुए एक वर्ष छह माह के कारावास एवं 19 लाख रुपये के जुर्माने से दंडित किया गया है। प्रकरण के अनुसार, परिवादी मुकेश (प्रोपराइटर, आर्यन जेम्स) से अभियुक्त ने वर्ष 2013 में लगभग 11,65,460 रुपये के आभूषण/रत्न क्रय किए थे। भुगतान के लिए दिया गया चेक बैंक में प्रस्तुत करने पर खाते में अपर्याप्त राशि होने के कारण अनादरित (बाउंस) हो गया। परिवादी द्वारा कई बार भुगतान हेतु आग्रह किए जाने के बावजूद अभियुक्त द्वारा राशि का भुगतान नहीं किया गया, जिसके चलते मामला न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
माननीय न्यायालय ने सुनवाई के पश्चात अपने निर्णय में अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए उक्त सजा सुनाई। यह निर्णय स्पष्ट करता है कि आर्थिक लेन-देन में लापरवाही एवं चेक अनादरण जैसे मामलों को न्यायालय गंभीरता से लेता है और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करता है। यह फैसला व्यापारिक लेन-देन में पारदर्शिता और जिम्मेदारी बनाए रखने का सशक्त संदेश भी देता है।
