जयपुर, 19 मार्च। पीसीपीएनडीटी टीम ने ’बेटी बचाओ’ के संकल्प को चरितार्थ करते हुए राजधानी जयपुर में भ्रूण लिंग परीक्षण में लिप्त एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पीसीपीएनडीटी डिकॉय टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया और एक अवैध पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन और कार जब्त करने के साथ ही एक चिकित्सक सहित तीन को गिरफ्तार किया है। भ्रूण लिंग परीक्षण के लिए डॉ. शेर सिंह राजावत से संपर्क साधा। राजावत ने गर्भवती डिकॉय महिला को कुबेर हेल्थ केयर में बुलवाया। इसी केन्द्र पर आरोपी डॉक्टर राजावत ने गर्भवती महिला से भ्रूण लिंग जांच के लिए 80 हजार रुपए लिए और दूसरे आरोपी जगबीर के साथ गर्भवती महिला को हेल्थ केयर सेंटर से चौरड़िया पेट्रोल पंप के पास भेजा। यहां तीसरा एवं मुख्य आरोपी हरी कुमावत मिला, जो अपनी सेंट्रो गाड़ी में गर्भवती महिला को साथ बिठाकर मयूर रेजिडेंसी स्थित फ्लैट में ले गया और गर्भवती महिला की पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन से सोनोग्राफी कर गर्भ में लड़की होना बताया।
गर्भवती महिला ने मौका मिलते ही टीम को सूचना दी और टीम ने फ्लैट में दबिश दी। यहां गर्भवती महिला के साथ चौथी महिला आरोपी शिला देवी भी मिली। उसने पूछताछ में बताया कि आरोपी हरी कुमावत यहां महिलाओं को लाकर भ्रूण लिंग जांच करता है। ऐसे में टीम ने तीनों आरोपियों हरी कुमावत, शिला देवी एवं कुबेर हेल्थ केयर के डॉ. शेर सिंह राजावत गिरफ्तार कर लिया, जबकि आरोपी जगबीर फरार है, जिसकी तलाश जारी है। तीनों आरोपियों से पूछताछ में जानकारी मिली कि डॉ. शेर सिंह राजावत शातिर किस्म का अपराधी है और वह गर्भवती महिलाओं को भ्रूण लिंग जांच के लिए प्रेरित कर अवैध पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन से जांच करता है।
