जयपुर, 02 अगस्त। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा है कि दुनिया में भारत की प्रतिष्ठा निरन्तर बढ़ती जा रही है। गौरवशाली भारत का लोकतंत्र और संविधान सुदृढ है। हम सभी को एकजुट होकर भारतीय राष्ट्र की संस्कृति के प्रति गर्व की अनुभूति करनी चाहिए। भारत प्राचीन काल से ही शिक्षा और विज्ञान की दृष्टि से समृद्ध रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र हित में पक्ष और प्रतिपक्ष को एकजुट होना आवश्यक है। देश है तो हम है और यदि देश नहीं रहेगा, तो हमारा भी अस्तित्व नहीं रहेगा। वे राष्ट्र मण्डल संसदीय संघ की राजस्थान शाखा के तत्वावधान में राजस्थान विधान सभा में आयोजित युवा संसद को सम्बोधित कर रहे थे।
देवनानी और संघ के सचिव संदीप शर्मा ने शनिवार को दीप प्रज्ज्वलित कर राजस्थान विधान सभा के सदन में चौथे युवा संसद का शुभारम्भ किया। देवनानी की पहल पर विधान सभा के सदन में तेरह राज्यों के 168 युवाओं ने देश की सुरक्षा से संबंधित अन्तर्राष्ट्रीय मुद्दों पर तो और तथ्यों के साथ संवाद किया। युवाओं ने पक्ष-विपक्ष में बैठकर राष्ट्रीय मुद्दों पर एकजुटता दिखाई। संदीप शर्मा ने कहा कि युवा संसद की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि युवा संसद बोलने, विरोध या समर्थन का ही अभ्यास नहीं है बल्कि यह लोकतंत्र के जीवन्त संस्कारों की शिक्षा है। उन्होंने कहा कि युवा संसदीय मर्यादाओं को समझे। जागरूक, विचारशील और उत्तरदायी बने। लोकतंत्र में केवल मत डालने तक भागीदारी सीमित ना रखे, बल्कि राष्ट्र के प्रति अपने उत्तरदायित्वों को सक्रियता से निभाएं। उन्होंने कहा कि युवा संसद प्रतिभाओं को सामने लाने के साथ ही इन्हें तराशने का भी काम कर रही है जिससे आने वाले समय में देश का संचालन करने वाले प्रशिक्षित राजनैताओं की पूरी पीढ़ी तैयार होगी। चुनाव जीतकर सदन में जाने से पूर्व ही यह लोग सदन की कार्यप्रणाली से पूरी तरह परिचित होंगे। इसलिए राष्ट्रनिर्माण और नीति निर्धारण में रूचि रखने वाले युवाओं को युवा संसद से अवश्य जुड़ना चाहिए।
13 राज्यों के 168 युवा जुटे राजस्थान विधान सभा में देश के दस राज्यों राजस्थान, पश्चिम बंगाल, उत्तराखण्ड, हरियाणा, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, गोवा, कर्नाटक, गुजरात और तीन केन्द्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर, चंडीगढ़ व नई दिल्ली के 55 विद्यालयों के कक्षा 9वीं से लेकर 12वीं तक के चयनित 168 युवा छात्र-छात्राओं ने आतंकवाद और पाक अधिकृत कश्मीर को खाली करवाने के प्रयासी पर संवाद किया। अन्तर्राष्ट्रीय मुद्दे के हल का मार्ग खोजने का प्रयास किया। विधान सभा सदन में 56 युवाओं ने तर्कों और तथ्यों के साथ निर्धारित समय में अपनी बात रखकर मर्यादित व्यवहार का आदर्श प्रस्तुत किया। समारोह में राजस्थान विधान सभा के प्रमुख सचिव भारत भूषण शर्मा, विशिष्ट सहायक के.के. शर्मा, एस.एम.एस. विद्यालय के चेयरमेन विक्रमादित्य और प्राचार्य श्रीमती ज्योति सहित विधान सभा के अधिकारीगण और विद्यालय के शिक्षकगण मौजूद रहे।
