जयपुर, 4 नवंबर। प्रदेश में शुद्ध आहार–मिलावट पर वार अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई जारी है। केंद्रीय खाद्य सुरक्षा दल ने जयपुर में एक ही दिन में चार प्रतिष्ठानों की जांच की। इस दौरान खाद्य पदार्थों के 7 नमूने लिए गए, करीब 2,960 किलो खाद्य सामग्री सीज की गई और 25 किलो अखाद्य सामग्री नष्ट करवाई गई। टीम ने मैसर्स लक्ष्मी बेकर्स की निर्माण इकाई की भी जांच की। यहां साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा से जुड़ी कई कमियां मिलीं। टीम ने नानखताई बिस्किट और सुमन गोल्ड ब्रांड वनस्पति के एक-एक नमूने सहित कुल 2 नमूने जांच के लिए । वही रिद्धि सिद्धि स्वीट्स और दूध मिष्ठान भंडार का भी निरीक्षण किया। दोनों प्रतिष्ठानों से मावा मिठाई के एक-एक नमूने जांच के लिए लिए गए। रिद्धि सिद्धि स्वीट्स से करीब 25 किलो अखाद्य सामग्री भी नष्ट करवाई गई ।
माहेश्वरी फूड प्रोडक्ट्स का लाइसेंस में दर्ज पता मिला बंद
खाद्य सुरक्षा दल ने मैसर्स माहेश्वरी फूड प्रोडक्ट्स के सरना डूंगर औद्योगिक क्षेत्र स्थित लाइसेंस में दर्ज पते पर जांच की तो वहां प्रतिष्ठान बंद मिला। फोन पर जानकारी करने पर पता चला कि फर्म ने करीब 6 महीने पहले बिना विभाग को सूचना दिए अपना कारोबार दूसरी जगह शुरू कर दिया था। इसके बाद टीम ने वीकेआई स्थित फर्म की दूसरी इकाई की भी जांच की। यह इकाई खाद्य लाइसेंस में दर्ज नहीं थी। जांच के दौरान वहां साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा से जुड़ी कई कमियां मिलीं। टीम ने मौके से करीब 2,960 किलो सूजी, मैदा और बेसन सीज किया। साथ ही जांच के लिए खाद्य पदार्थों के 3 नमूने लिए।
जांच के दौरान चारों प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा से जुड़ी कमियां मिलने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 32 के तहत सुधार नोटिस जारी किए जाएंगे। इन नोटिस के जरिए प्रतिष्ठानों को कमियां दूर करने और खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करने के निर्देश दिए जाएंगे। खाद्य सुरक्षा विभाग ने सभी खाद्य कारोबारियों से अपील की है कि वे खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण और बिक्री के दौरान साफ-सफाई एवं सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें। आमजन को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए विभाग की जांच और कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
