जयपुर, 3 नवम्बर । झुंझुनूं के छापोली गांव में सड़क निर्माण के दौरान आठ मजदूरों की मौत अत्यंत दुखद है। आम आदमी पार्टी राजस्थान दिवंगत मजदूरों को श्रद्धांजलि देती है और परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करती है। प्रदेश प्रभारी धीरज टोकस एवं सह प्रभारी घनेन्द्र भारद्वाज ने भी दुख व्यक्त किया। पार्टी सवाल करती है कि ट्रिपल इंजन की सरकार होते हुए भी गांवों में विकास क्यों नहीं हो रहा, और ग्रामीणों को अपनी सड़क खुद क्यों बनानी पड़ती है? सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस गांव में हादसे के बाद महज़ तीन घंटे में सड़क निर्माण को मंजूरी दे दी गई, वहां यह काम पहले क्यों नहीं हुआ? क्या सरकार विकास कार्य शुरू करने के लिए किसी बड़े हादसे का इंतजार करती है? क्या आठ मजदूरों की जान जाने के बाद ही सरकार को अपनी जिम्मेदारी याद आती है।
प्रदेश मीडिया प्रभारी डॉ सुनील धायल ने कहा की यह स्थिति सरकार के विकास दावों और ज़मीनी हकीकत के बीच गंभीर अंतर को दिखाती है। यह घटना सुरक्षा मानकों, प्रशासनिक निगरानी और जवाबदेही पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि निर्माण के दौरान पर्याप्त सुरक्षा इंतज़ाम क्यों नहीं थे। आम आदमी पार्टी मांग करती है कि हादसे की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा मिले और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जाए।
