जयपुर, 3 नवंबर। इंस्टीट्यूट ऑफ लीवर एंड बिलियरी साइंसेज (आईएलबीएस) के निदेशक एवं चांसलर प्रो. (डॉ.) एस.के. सरीन ने कहा कि बेहतर जीवनशैली अपनाने और उपयुक्त खानपान के बारे में आमजन को जानकारी देना केवल सामान्य सलाह नहीं, बल्कि एक चिकित्सकीय प्रिस्क्रिप्शन की तरह महत्वपूर्ण है। लीवर संबंधी बीमारियों की समय पर पहचान के लिए फैटी लीवर एवं फाइब्रोसिस की जांच और आवश्यक परामर्श पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने संभावित मरीजों की पहचान के लिए एएलटी टेस्ट की आवश्यकता पर भी जोर दिया। डॉ. सरीन मंगलवार को मिशन लीवर स्माइल के तहत आयोजित ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
लीवर स्क्रीनिंग में राजस्थान देश में अग्रणी
उन्होंने कहा कि मिशन लीवर स्माइल के प्रभावी क्रियान्वयन में राजस्थान ने देश में अग्रणी स्थान हासिल किया है। प्रदेश में अब तक 3.20 करोड़ से अधिक लोगों की लीवर संबंधी स्क्रीनिंग की जा चुकी है। इस उपलब्धि के साथ राजस्थान देश में सर्वाधिक स्क्रीनिंग करने वाला राज्य बन गया है। मिशन के तहत प्रदेश में विकसित मॉडल को भी देश में अग्रणी मॉडल के रूप में पहचान मिली है। डॉ. सरीन ने मिशन लीवर स्माइल को जमीनी स्तर तक प्रभावी रूप से लागू करने के लिए एएनएम, सीएचओ एवं आशा सहयोगिनियों को भी प्रशिक्षित करने पर जोर दिया। उन्होंने स्कूलों में लीवर जांच एवं परामर्श शिविर आयोजित करने और इस संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता बताई।
प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने कहा कि दिसंबर माह से आयोजित होने वाले ग्रामीण स्वास्थ्य शिविरों में मिशन लीवर स्माइल के तहत लीवर की जांच एवं परामर्श पर विशेष जोर दिया जाएगा। उन्होंने स्कूलों में भी प्रशिक्षकों के माध्यम से स्वस्थ लीवर, बेहतर जीवनशैली, उपयुक्त खानपान एवं लीवर संबंधी बीमारियों के लक्षणों के बारे में छात्र-छात्राओं को जानकारी देने के लिए जागरूकता एवं संवेदीकरण सत्र आयोजित करने पर जोर दिया।
प्रशिक्षण के दौरान आईएलबीएस के डॉ. बी.बी. रेवारी एवं डॉ. कनिका कौशल ने राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग रोकथाम एवं नियंत्रण कार्यक्रम के तहत फैटी लीवर रोग की स्क्रीनिंग एवं प्रबंधन संबंधी दिशा-निर्देशों की जानकारी दी। इसमें आयुष्मान आरोग्य मंदिर से जिला अस्पताल तक स्क्रीनिंग एवं प्रबंधन की प्रक्रिया, जोखिम का आकलन, कमर की माप, एफआईबी-4 स्कोरिंग तथा एलएसएम एवं सीएपी पैरामीटर के माध्यम से लीवर की स्थिति का आकलन करने संबंधी व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। वीडियो कॉन्फ्रेंस में निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा, अतिरिक्त निदेशक अस्पताल प्रशासन डॉ. नरोत्तम शर्मा, स्टेट नोडल अधिकारी एनसीडी डॉ. सुनील सिंह सहित संबंधित अधिकारी एवं चिकित्सक उपस्थित रहे।
