जयपुर, 24 अक्टूबर । अजमेर रोड स्थित भांकरोटा के अति प्राचीन एवं अतिशय क्षेत्र दिगंबर जैन मंदिर में दो दिवसीय वार्षिक मेले का शुभारंभ आर्यिका विष्णुप्रभा माताजी ससंघ के मंगल प्रवेश के साथ हुआ। इस अवसर पर बैंड-बाजों, जयकारों और पुष्प वर्षा के बीच श्रद्धालुओं ने आर्यिका संघ का भव्य स्वागत किया। मंदिर प्रबंध समिति के पदाधिकारियों एवं महिला मंडल की सदस्याओं ने आर्यिका संघ के पाद प्रक्षालन एवं आरती कर अगवानी की। इसके पश्चात मंदिर में विराजमान मूलनायक भगवान पार्श्वनाथ की अति प्राचीन प्रतिमा का कलशाभिषेक किया गया तथा आर्यिका विष्णुप्रभा माताजी के मुखारविंद से भव्य शांतिधारा संपन्न हुई।
अखिल भारतीय दिगंबर जैन युवा एकता संघ अध्यक्ष अभिषेक जैन बिट्टू ने बताया कि मेले के प्रथम दिन प्रातः आर्यिका विष्णुप्रभा माताजी ससंघ के मंगल प्रवचन हुए। इसके बाद आर्यिका संघ की आहारचर्या प्रारंभ हुई। संध्या कालीन सत्र में शाम को श्रीजी की महामंगल आरती की गई। इसके पश्चात ब्रह्मचारिणी शैली दीदी के प्रवचन हुए। शाम को भांकरोटा जैन समाज की ओर से 48 दीपों के अर्घ समर्पित करते हुए भक्तामर स्तोत्र मंडल पर भव्य दीप अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव के साथ भगवान की आराधना कर धर्म लाभ प्राप्त किया।
मेला मुख्य संयोजक नगेन्द्र सेठी ने बताया कि वार्षिक मेले के दूसरे दिन आर्यिका विष्णुप्रभा माताजी ससंघ के सानिध्य में विभिन्न धार्मिक आयोजन होंगे। प्रातः श्रीजी का कलशाभिषेक एवं शांतिधारा होगी साथ ही आर्यिका श्री विष्णुप्रभा माताजी के मंगल प्रवचन होंगे आर्यिका संघ की आहारचर्या संपन्न होगी। इसके पश्चात आर्यिका संघ के सानिध्य में विधान पूजन प्रारंभ होगा। इस दौरान आयोजन के सहयोगियों एवं आमंत्रित अतिथियों का सम्मान-अभिनंदन किया जाएगा। धार्मिक अनुष्ठानों के पश्चात जैन समाज की सामूहिक गोठ आयोजित होगी। संध्याकालीन सत्र में श्रीजी की महामंगल आरती के साथ दो दिवसीय वार्षिक मेले का समापन होगा।
