जयपुर,1 सितम्बर | 11वें आयुर्वेद दिवस एवं पोषण सप्ताह के अंतर्गत राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के बाल रोग विभाग की ओर से बच्चों में एनीमिया (खून की कमी) की रोकथाम के उद्देश्य से चुकंदर जैम का निशुल्क वितरण किया गया। इस दौरान बच्चों के साथ पहुंचे अभिभावकों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार के महत्व के बारे में जानकारी देकर उनकी काउंसलिंग भी की गई। कार्यक्रम में राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के कुलपति प्रो. संजीव शर्मा ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं। उनका स्वस्थ, खुशहाल और सुरक्षित जीवन सुनिश्चित करना समाज की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि बच्चों में पोषण की कमी को समय रहते दूर करने के लिए खानपान और जीवनशैली पर विशेष ध्यान दिया जाना आवश्यक है।
बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश नागर ने बताया कि उचित एवं संतुलित खानपान के अभाव में बच्चों में एनीमिया के मामले सामने आ रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग द्वारा आयुर्वेद के आहार सिद्धांत पर आधारित चुकंदर जैम तैयार किया गया है और इसका निशुल्क वितरण किया गया। उन्होंने बताया कि इस जैम में चुकंदर के साथ काले तिल, मुनक्का, त्रिकटु और गुड़ सहित अन्य आयुर्वेदिक घटकों का उपयोग किया गया है। इसका उद्देश्य बच्चों के आहार में पोषण तत्वों को शामिल करना और एनीमिया की रोकथाम में सहायता करना है।
कार्यक्रम के दौरान अभिभावकों को बच्चों की उम्र के अनुसार आवश्यक पोषण और आहार संबंधी जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि बच्चों की बढ़ती उम्र के साथ उनकी पोषण संबंधी जरूरतें भी बदलती हैं, इसलिए प्रत्येक आयु वर्ग के लिए उपयुक्त एवं संतुलित आहार देना जरूरी है। इस अवसर पर अस्पताल अधीक्षक उदयराज सरोज, उप अधीक्षक डॉ. हरीश भाकुनी, डॉ. श्री निधि कुमार, डॉ. बह्रदत शर्मा, डॉ. विशाल नंदलाल प्रजापति, डॉ. नरेश कुमार चौधरी सहित बाल रोग विभाग के चिकित्सक एवं रिसर्च स्कॉलर मौजूद रहे।
