जयपुर, 21 अगस्त । अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर RGHS योजना में गंभीर खामियों को दूर करने की मांग की है। महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष गजेन्द्र सिंह राठौड़ ने बताया कि कर्मचारी-पेंशनर नियमित अंशदान देते हैं, फिर भी कैंसर जैसे गंभीर रोगों में बोर्ड गठन और दवा स्वीकृति की जटिल प्रक्रिया के कारण मरीजों को कई-कई दिन तक जयपुर में भटकना पड़ता है। दूरदराज जिलों से आने वाले बुजुर्ग मरीजों के लिए यह स्थिति जानलेवा बन रही है।
उन्होंने बताया कि RGHS पैनल के कई निजी अस्पताल घुटना प्रत्यारोपण, कार्डियक सर्जरी जैसी बड़ी सर्जरी तो कर देते हैं, लेकिन सामान्य बीमारियों के इलाज से यह कहकर मना कर देते हैं कि यह RGHS में कवर नहीं है पात्र मरीजों को लौटाया जाना अनुचित है। महासंघ मुख्य मांगों में कैंसर व गंभीर रोगों में तत्काल दवा स्वीकृति व उपचार हो, बोर्ड प्रक्रिया सरल व समयबद्ध हो, मरीज लौटाने वाले पैनल अस्पतालों पर जुर्माना व पैनल से हटाने की कार्रवाई हो, शिकायत के लिए हेल्प डेस्क/हेल्पलाइन बने आदि है । महासंघ ने सरकार से इस मानवीय विषय पर शीघ्र निर्णय की अपेक्षा की है।
