जयपुर, 26 अगस्त | राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, जयपुर के आयुर्वेद आहार एवं पोषण विभाग द्वारा आयोजित बेसिक्स ऑफ आयुर्वेद न्यूट्रिशन दो सप्ताह के सर्टिफिकेट कोर्स का सफलतापूर्वक समापन हुआ। पाठ्यक्रम में आयुर्वेदिक पोषण के शास्त्रीय सिद्धांतों के साथ आधुनिक जीवनशैली में उनके व्यावहारिक उपयोग और आयुर्वेद आधारित खाद्य क्षेत्र में उद्यमिता की संभावनाओं पर विशेष जोर दिया गया। राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के कुलपति प्रो. संजीव शर्मा ने कहा कि आयुर्वेदिक आहार केवल स्वास्थ्य संरक्षण का माध्यम नहीं है, बल्कि इसे आधुनिक पोषण विज्ञान, नवाचार और उद्यमिता से जोड़कर रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर भी विकसित किए जा सकते हैं। आयुर्वेद के पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप प्रस्तुत करना समय की आवश्यकता है। समय-समय पर आयुर्वेद आहार के साथ स्वास्थ्य, ब्यूटी केयर, प्रीवेंट केयर जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सर्टिफिकेट कोर्स करवाए जाते हैं।
इस अवसर पर कुलसचिव प्रो. अनीता शर्मा, प्रो. सर्वेश अग्रवाल, प्रो. दुर्गावती देवी ने भी प्रतिभागियों को आयुर्वेद आहार के विषय में जानकारी दी। पाठ्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को अग्नि, दोष, धातु, पथ्य-अपथ्य तथा स्वस्थ आहार के शास्त्रीय सिद्धांतों से परिचित कराया गया। साथ ही आयुर्वेदिक डाइट कंसल्टेंसी, चिकित्सकीय आहार नियोजन, स्वास्थ्यवर्धक खाद्य उत्पाद, पोषण शिक्षा तथा वेलनेस आधारित फूड सर्विस जैसे क्षेत्रों में करियर और उद्यमिता की संभावनाओं पर प्रशिक्षण दिया गया।
