जयपुर,21 जुलाई । जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के नगर उपखंड प्रथम (दक्षिण), जवाहर नगर, जयपुर में राज्य सरकार के स्थानांतरण आदेशों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सहायक अभियंता पूनम रानी पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी नियमों को ताक पर रखकर दोहरे मापदंड अपनाते हुए जहा एक कर्मचारी को तत्काल कार्यमुक्त कर दिया वही दूसरे अधिकारी को स्थानांतरण आदेश जारी होने के बावजूद आज तक कार्यमुक्त नहीं किया।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, भंवर सिंह (स्टोर मुंशी) ओबीसी गणना कार्य में नियुक्त थे। निर्वाचन आयोग एवं राज्य सरकार द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि 23 जुलाई तक ओबीसी गणना में लगे किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को कार्यमुक्त नहीं किया जा सकता है | ताकि गणना कार्य प्रभावित न हो इसके बावजूद सहायक अभियंता ने आदेशों की खुलेआम अनदेखी करते हुए भवर सिंह को उन्हें तत्काल कार्यमुक्त कर दिया।

वही दूसरी ओर उसी कार्यालय में कार्यरत कनिष्ठ अभियंता दीपक कुमार मीणा का पिछले वर्ष प्रतापनगर, जयपुर स्थानांतरण हुआ था, लेकिन उन्हें आज तक कार्यमुक्त नहीं किया गया। इतना ही नहीं, 10 जुलाई को निकली ट्रांसफर लिस्ट में क्रम संख्या 138 पर दीपक कुमार मीणा का ट्रांसफर उपखण्ड टोडारायसिंह टोंक पर किया गया था | लेकिन उन्हें आज तक सहायक अभियंता जवाहर नगर ने रिलीव नहीं करने आदेश नहीं निकले यह कही ना कही सहायक अभियंता की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े कर रहे है |
कर्मचारियों का कहना है कि जिस कर्मचारी को कानूनन कार्यमुक्त नहीं किया जा सकता उसे आनन-फानन में रिलीव कर दिया गया | वही जिसे लंबे समय पहले कार्यमुक्त किया जाना चाहिए था, उसे आज भी संरक्षण दिया जा रहा है। इससे यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर विभाग में सरकारी आदेशों से ऊपर किसकी मर्जी चल रही है | विभागीय कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि सहायक अभियंता द्वारा राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग के स्पष्ट निर्देशों की जानबूझकर अवहेलना की गई है, जो न केवल प्रशासनिक अनुशासन के विपरीत है बल्कि शासन की मंशा पर भी सीधा प्रहार है। राजस्थान वाटर वर्क्स कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल शर्मा ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने तथा स्थानांतरण आदेशों के पालन में अपनाए गए कथित दोहरे मानदंडों की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
