जयपुर, 07 अप्रैल । विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान जयपुर में आरोहण आयुर्वेद अधिवेशन एवं सम्मान समारोह 2026 का आयोजन संस्थान परिसर में मंगलवार को किया गया। कार्यक्रम में देशभर से आए विशिष्ट अतिथियों, विशेषज्ञों, चिकित्सकों, शोधकर्ताओं, उद्यमियों एवं आयुष क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम से पूर्व राजस्थान सरकार के माननीय उपमुख्यमंत्री प्रेम चंद बैरवा ने संस्थान के अस्पताल, ओपीडी एवं कैंटीन का निरीक्षण किया तथा आमजन एवं रोगियों को प्रदान की जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं की सराहना की। इस अवसर पर यह भी उल्लेखनीय रहा कि राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान को मानद विश्वविद्यालय का दर्जा स्थायी रूप से प्रदान किया गया है, जिससे संस्थान की शैक्षणिक एवं शोध गतिविधियों को और अधिक सुदृढ़ता मिलेगी।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री प्रेम चंद बैरवा, विशिष्ट अतिथि स्वामी बालमुकुंदाचार्य महाराज विधायक एवं संस्थान के कुलपति प्रो. (डॉ.) संजीव शर्मा द्वारा किया गया। कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, जयपुर एवं आत्मन फाउंडेशन, लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित आयुष श्री सम्मान समारोह में आयुर्वेद एवं आयुष क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले चिकित्सकों, शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों, उद्यमियों एवं संस्थाओं को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया। इन पुरस्कारों के माध्यम से उन व्यक्तित्वों और संस्थाओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने आयुर्वेद को समाज के केंद्र में स्थापित करने एवं जन-स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। प्रेम चंद बैरवा ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान आमजन को आयुर्वेद के माध्यम से बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने कहा कि आरोहण जैसे कार्यक्रम आयुर्वेद क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सकों एवं व्यक्तियों को पहचान देने, नवाचार को प्रोत्साहित करने तथा समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राजस्थान सरकार, भारत सरकार के साथ मिलकर आयुष सेवाओं को मजबूत करने एवं आयुर्वेद को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
संस्थान के कुलपति प्रो. (डॉ.) संजीव शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान शिक्षा, अनुसंधान एवं चिकित्सा के माध्यम से आयुर्वेद को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। आत्मन फाउंडेशन, लखनऊ के संस्थापक शशांक श्रीवास्तव ने कहा कि आरोहण केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय आंदोलन है, जिसका उद्देश्य आयुर्वेद एवं आयुष क्षेत्र में उत्कृष्टता को सम्मान देना, सहयोग को बढ़ावा देना तथा भविष्य के नेतृत्व को प्रेरित करना है।
कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित सम्मेलन में आयुर्वेद एवं आयुष क्षेत्र से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया गया, जिनमें निवारक एवं समग्र स्वास्थ्य में आयुर्वेद की भूमिका, एविडेंस-बेस्ड आयुर्वेद, अनुसंधान की दिशा, राष्ट्रीय आयुष मिशन (NAM), PHC/CHC में AYUSH सेवाओं का सह-स्थान (co-location), तथा आयुर्वेद आधारित स्टार्टअप एवं उद्यमिता शामिल रहे। विशेषज्ञों ने आयुर्वेद को आधुनिक स्वास्थ्य प्रणाली के साथ जोड़ते हुए इसे भविष्य की स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ बताया। कार्यक्रम में प्रो. मीता कोटेचा, प्रो. अनुपम श्रीवास्तव, हरिराम रिणवा सहित संस्थान के सभी डीन, चिकित्सक, शिक्षक, अधिकारी एवं विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
