मुंबई, 10 फरवरी। रिलायंस फाउंडेशन के बिल्डिंग फ्लोरिशिंग फ्यूचर्स सम्मेलन में शिक्षा के शुरुआती वर्षों को, बच्चों के विकास के लिए सबसे अहम बताया गया है। फाउंडेशन की निदेशक ईशा अंबानी ने कहा कि शिक्षा तभी प्रभावी होती है, जब वह बच्चों की भावनात्मक और सामाजिक जरूरतों को समझकर दी जाए। उन्होंने कहा जब शिक्षा बच्चों को उनकी भावनात्मक, सामाजिक और बौद्धिक अवस्था के अनुसार मिलती है, तो सीखना सार्थक और आनंददायक बनता है। रिलायंस फाउंडेशन में हमारा विश्वास है कि बच्चे तभी आगे बढ़ते हैं, जब वे खुद को सुरक्षित, स्नेहपूर्ण और सम्मानित महसूस करते हैं। रिलायंस फाउंडेशन का फोकस ऐसे समावेशी शिक्षा तंत्र पर है, जहां हर छात्र अपनी पूरी क्षमता के साथ आगे बढ़ सके।
दो दिवसीय इस सम्मेलन में भारत और विदेशों से आए 250 से अधिक शिक्षाविदों ने प्रारंभिक और प्राथमिक शिक्षा में इनोवेशन, खेल आधारित पढ़ाई, बुनियादी साक्षरता और एआई की भूमिका पर अपने अनुभव साझा किए। इस मौके पर पेडागॉजीज़ ऑफ प्ले नामक एक प्रकाशन भी जारी किया गया, जो बच्चों के लिए, सीखने के नए और प्रभावी तरीकों को सामने लाता है।
