जयपुर, 10 फरवरी। जलदाय विभाग द्वारा निजीकरण एवं तकनीकी कर्मचारियों को निजी कंपनियों के अधीन करने के विरोध में आज राजस्थान सरकार द्वारा प्रस्तावित ondam नीति के तहत जलदाय कर्मियों को निजी कंपनियों के अधीन करने के प्रयास में आज प्रांतीय नल मजदूर यूनियन इंटक के प्रदेश अध्यक्ष संजय सिंह शेखावत के नेतृत्व में यूनियन का प्रतिनिधिमंडल जलदाय विभाग के मुख्य अभियंता मनीष बेनीवाल व दिनेश गोयल मुख्य प्रशासन से मुलाकात कर निजीकरण में सौंपने के विरोध में ज्ञापन सोपा गया। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष शेखावत ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा समस्त पेयजल कार्यों को आगामी 10 वर्षों के लिए बड़ी निजी कंपनियों में सपने की जो प्रक्रिया प्रारंभ की हैं, वह जलदाय विभाग के अस्तित्व पर सीधा प्रहार है नहीं बल्कि विभाग के हजारों तकनीक कर्मचारी की सेवा सुरक्षा भविष्य हुए एवं सम्मान के विरुद्ध गहरी साजिश है ।
यूनियन के कार्यवाहक अध्यक्ष बाबूलाल शर्मा ने बताया कि निजीकरण के संबंध में जलदाय विभाग द्वारा आयोजित सेमिनार में देश की नामी ग्रामीण कंपनियां अदानी ग्रुप के प्रतिनिधि एवं सैकड़ो ठेकेदारों की उपस्थिति में संकेत मिलता है पेयजल आवश्यक सेवाओं को निजी हाथों में सौंपने की पूरी तैयारी कर ली है यह निजीकरण राजस्थान के प्रत्येक जिले की पेयजल आपूर्ति को नए मॉडल के तहत निजी कंपनी में सोपा जा रहा है। जयपुर जिला अध्यक्ष ताराचंद सैनी ने कहा कि विभाग में पिछले 34 वर्षों से तकरीर कर्मचारियों की भर्ती नहीं हुई अनुभवी कर्मचारी सेवानिवृत्ति हो रहे हैं नई भर्ती करने के बजाय शेष कर्मचारियों को निजी कंपनी बोर्ड के अधीन कार्य करने के लिए बातें करने की तैयारी की जा रही है जिसका विरोध करते हैं और सरकार से मांग करते हैं कि सरकार और विभाग निजीकरण में देने की बजाय नई भर्ती की जाए इसके साथ कर्मचारियों के अधिकारों के भविष्य की सुनिश्चित की जाए अन्यथा यूनियन द्वारा निजीकरण के विरोध में आंदोलन किया जाएगा ।
इस पर मुख्य अभियंता मनीष बेनीवाल ने शिष्ट मंडल को आश्वस्त किया कि कर्मचारियों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होगा और हम भी नई भर्ती के लिए शीघ्र प्रस्ताव भेजे जाएंगे। इस दौरान संजय सिंह शेखावत प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल शर्मा कार्यवाहक अध्यक्ष, ताराचंद सैनी जिला अध्यक्ष, लालचंद शर्मा व्रत अध्यक्ष, मुकेश माथुर विधि सलाहकार विनोद मीणा शैलेश शर्मा गंगासहाय मीणा बृजमोहन मौजूद रहे ।
