जयपुर, 1 फरवरी। यूजीसी एक्ट के विरोध में जयपुर के शहीद स्मारक पर सवर्ण समाज ने अपना विरोध प्रदर्शन किया । साथ ही सरकार को चेतावानी भी हम अब जातीय भेदभाव बर्दाश्त कब बाहर है । समाज की यह भी संदेश दिया अगर शंखनाद संवर्णों ने वोट देने घर से निकलना भी बंद कर दिया तो भारी पड़ेगा । विप्र महासभा के संस्थापक सुनील उदेईया ने बताया कि देश में अस्सी साल से हम जातीय भेदभाव झेल रहे है और अब भी हमारे बच्चों के ख़िलाफ़ जातिवादी क़ानून बनाये जा रहे है जो स्वीकार्य नहीं । करनी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल मकराना ने शीघ्र ही विधानसभा घेराव की चेतावनी दी साथ ही राजपूत सभा के अध्यक्ष राम सिंह ने कहा कि चाहे अलग पार्टी खड़ी करनी पड़े लेकिन अब और बर्दाश्त नहीं ।
सवर्ण नेताओ में कहा कि सीएम और डिप्टी सीएम हमारे समाज से है लेकिन दो साल से हमारी माँगो पर कोई ध्यान नहीं दे रहे साथ ही अन्य जनप्रतिनिधियों की खामोशी भी अफ़सोस जनक है । परशुराम सेना के अध्यक्ष अनिल चतुर्वेदी ने अब आर पार लड़ाई का ऐलान किया । वैश्य समाज के सुभाष माहेश्वरी ने भी इस जातिवादी व्यवस्था के विरुद्ध तन, मन, धन से साथ देने का आश्वासन दिया ।
सभा यह मांगे प्रमुख रूप से सरकार से रखी जिनमें UGC एक्ट को वापस लो और अन्य जातिवादी कानूनो का रिव्यू हो। EWS वर्ग को पंचायत और निकाय चुनाव में आरक्षण । EWS आरक्षण का केंद्र में सरलीकरण। सवर्ण से जुड़े सभी बोर्डो का गठन हो। गरीब सवर्ण को छात्रवृत्ति बजट । पंडित पुजारियों के लिए प्रोटेक्शन बिल है ।सभा में राजपूत ब्राह्मण वैश्य संगठन के प्रमुख मौजूद रहे तथा निम्न लोगो ने संबोधित किया विप्र महासभा के संस्थापक सुनील उदेईया, करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल मकराना, राजपूत सभा के अध्यक्ष राम सिंह चंदलाई, शिव राज सिंह तंवर प्रदेश अध्यक्ष योगेन्द्र भारद्वाज, हरियाणा ब्राह्मण सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बिरदीचंद शर्मा, गौड़ सनाधय के अध्यक्ष देवीशंकर शर्मा , परशुराम सेना के अध्यक्ष अनिल चतुर्वेदी, हरियाणा ब्राह्मण समाज के बाबूलाल टीलावाला, वैश्य समाज से सुभाष माहेश्वरी, विप्र सेना के युवा अध्यक्ष रवि जोशी, वैश्य सेना के अध्यक्ष राजेंद्र मित्तल, लोकेश बैनाडा, हिंदू सेना के अध्यक्ष अशोक कौशिक महेश ब्यास ने संबोधित किया । राजपूत, ब्राह्मण वैश्य समाज के कई सवर्ण नेता मौजूद रहे साथ ही हज़ारो की संख्या में युवा और अन्य लोग मौजूद रहे ।
