जयपुर, 21 जनवरी | यूजीसी द्वारा जातीय भेदभाव के आदेश पर भड़के ब्राह्मण संगठन ने आज राजस्थान विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर यूजीसी द्वारा जारी आदेशों को जला कर विरोध जताया । विप्र महासभा के संस्थापक सुनील उदेईया, श्री परशुराम सेना के प्रमुख एडवोकेट अनिल चतुर्वेदी के नेतृत्व में उपस्थित लोगो ने देश में सरकारी स्तर पर फैलाई जा रही जातीय नफ़रत के प्रति रोष जताया और विरोध दर्ज करवाया । इस अवसर पर सुनील उदेईया ने देश के प्रधानमंत्री से कहा कि नीतियाँ दबंग- कमजोर और अमीर- ग़रीब के आधार पर बने ना कि जातीय आधार पर । अनिल चतुर्वेदी ने चेतावनी दी कि इस तरह के क़ानून बेक़सूर लोगो के लिये दुरुपयोग का साधन बनते है इनको बंद करो नहीं तो बड़ा आंदोलन करेंगे ।विप्र महासभा के प्रदेश अध्यक्ष योगेंद्र भारद्वाज ने कहा कि सभी लोग भाईचारे से रहते है लेकिन सरकार द्वारा दिन प्रतिदिन जातीय भेदभाव की नीतियों से असंतोष फैलता है और आपसी सद्भाव ख़राब होता है ।
सभी ने एक राय में कहा कि स्वतंत्र भारत में हम सब को मिल कर ऐसी सभी नीतियों का विरोध करना चाहिए जो जातिगत भेदभाव बढ़ाती हो | शिक्षण संस्थानों में तो बिलकुल भी ये जातिवादी राजनीति नहीं नहीं चाहिए | संविधान लागू होने के 75 वर्ष बाद भी यदि हम हज़ारो वर्षों पुरानी मनुस्मृति को केवल भेदभाव वाले बिंदु पर ग़लत मानते है तो आज फिर हर जगह, हर स्टेप, हर योजना में जातियों को आधार बना कर भेदभाव क्यों कर रहे है | सभी ने एक स्वर में कहा कि ख़त्म हो ये जातिवादी सिस्टम और केवल ग़रीब और अमीर के आधार पर योजनाये और नीति बने | इस अवसर पर विप्र महासभा प्रदेश संयोजक जितेंद्र मिश्रा, युवा अध्यक्ष दीपेश मिश्रा, विप्र सेना के अध्यक्ष अजीत जोशी, देवेंद्र शर्मा, कैलाश जोशी, रमेश तिवाड़ी, महिला प्रकोष्ठ से हर्षिता शर्मा, बीना शर्मा, रीनू शर्मा, प्रियंका शर्मा, महावीर शर्मा, भानु मित्र आदि उपस्थित रहे ।
