जयपुर, 01 मार्च। लक्ष्मणगढ़ नागरिक परिषद, जयपुर द्वारा होली महोत्सव आत्मीयता, अपनत्व और सांस्कृतिक उल्लास के बीच भावपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस आयोजन में जयपुर में निवासरत लक्ष्मणगढ़ के प्रवासी बंधु बड़ी संख्या में शामिल हुए और अपनी मिट्टी की यादों को फिर से जी उठे। यह आयोजन बनीपार्क धर्मार्थ संस्थान एवं लक्ष्मणगढ़ नागरिक परिषद के संयुक्त तत्वावधान में हर वर्ष परंपरागत रूप से आयोजित किया जाता है। वर्षों से चली आ रही यह परंपरा केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रवासी बंधुओं के लिए अपने गांव, अपनी संस्कृति और अपनी जड़ों से जुड़े रहने का भावनात्मक सेतु है।
कार्यक्रम में हर्षवर्धन एवं उनकी पार्टी के कलाकारों ने ढप, चंग और बांसुरी की मधुर धुनों पर पारंपरिक होली धमाल की मनमोहक प्रस्तुति दी। विशेष रूप से होली पर्व पर चंग का अपना अलग ही महत्व है।घनश्याम सुवटा घनश्याम इंदौरिया विकास मिश्रा यशपाल सारण लक्ष्मणगढ़ द्वारा एक से बढ़कर एक लोकगीतों की प्रस्तुति चंग ढप और बांसुरी की मधुर धुनों के साथ पारंपरिक होली धमाल की आकर्षक मे प्रस्तुति दी गई । जैसे ही चंग की थाप गूंजी, मानो फाल्गुन की मस्ती पूरे वातावरण में घुल गई और सभी एक स्वर में रंगों के उत्सव में डूब गए।
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए यशपाल सारण, हेमंत जांगिड़, लक्ष्मीकांत जाजोदिया, लक्ष्मीनारायण निरानिया, रामप्रसाद सैनी, प्रभुदयाल अग्रवाल एवं दिनेश शर्मा एवं बनीपार्क धमार्थ संस्थान के अध्यक्ष गिरिराज बाढ़दार एडवोकेट मंत्री विरेन्द्र परवाल कोषाध्यक्ष अतुल खाखोलिया सोम शेखर आडवियप्पा सभी प्रवासी बंधुओं, अतिथियों एवं सहयोगियों का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह वार्षिक आयोजन आपसी प्रेम, भाईचारे और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बन चुका है।अंत में लक्ष्मणगढ़ नागरिक परिषद, जयपुर ने सर्व समाज को होली पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कामना की कि रंगों का यह पावन उत्सव सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और प्रेम के नए रंग भर दे तथा समाज में सद्भाव और एकता को और सुदृढ़ बनाए ।
