जयपुर, 12 जनवरी। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा से मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित बजट पूर्व संवाद में अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) के प्रदेशाध्यक्ष गजेन्द्र सिंह राठौड़ ने प्रदेश के लाखों कर्मचारियों की वर्षों से लंबित एवं ज्वलंत मांगों को मजबूती और तथ्यों के साथ मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। राठौड़ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में की गई बजट घोषणाओं को अब तक धरातल पर नहीं उतारा गया है, जिससे कर्मचारियों में गहरा रोष व्याप्त है। उन्होंने सरकार से मांग की कि पूर्व बजट घोषणाओं को शीघ्र लागू करते हुए उनके विधिवत आदेश जारी किए जाएं।
महासंघ (एकीकृत) द्वारा 9-18-27 वर्ष के स्थान पर 8-16-24-32 वर्ष की सेवा पर चयनित वेतनमान देने की मांग प्रमुखता से रखी गई, जिस पर सभी कर्मचारी संगठनों ने एक स्वर में समर्थन व्यक्त कर इसे कर्मचारियों का जायज अधिकार बताया। प्रदेशाध्यक्ष ने वेतन विसंगतियों के निस्तारण, सेवा नियमों में आवश्यक संशोधन एवं पदनाम परिवर्तन हेतु सक्षम समिति गठित कर समयबद्ध निर्णय लेने की मांग रखी। साथ ही संविदा कर्मियों को नियुक्ति में 2 वर्ष की आयु छूट, आंगनबाड़ी कर्मियों को सेवानिवृत्ति पर 3 लाख रुपये की एकमुश्त ग्रेच्युटी प्रदान करने की मांग को मानवीय और सामाजिक न्याय से जुड़ा विषय बताया।
महासंघ ने जनता जल योजना, एमएनडीवाई, एमएनजेवाई तथा समाज कल्याण विभाग के रसोइये एवं चौकीदारों को संविदा नियम 2022 में शामिल करने, प्रदेश के कर्मचारियों को 10 प्रतिशत ग्रामीण भत्ता देने तथा मंत्रालयिक कर्मचारियों को द्वितीय पदोन्नति पर 4200 ग्रेड पे प्रदान करने व जलदाय विभाग में तकनीकी कर्मचारियों की भर्ती की मांग भी पूरी दृढ़ता से रखी। प्रदेश महामंत्री मोहनलाल शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने महासंघ की मांगों को गंभीरता से सुना और आगामी बजट में यथासंभव सकारात्मक व कर्मचारी हितैषी निर्णय लेने का आश्वासन दिया।
अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) ने मुख्यमंत्री के सकारात्मक रुख का स्वागत करते हुए अपेक्षा व्यक्त की कि इस बजट में कर्मचारी वर्ग को ठोस राहत मिलेगी और वर्षों से लंबित मांगों का समाधान होगा। इस अवसर पर कर्मचारी नेता अजयवीर सिंह, नाथू सिंह गुर्जर , प्रहलाद अग्रवाल, शैलेन्द्र शर्मा, रणजीत मीणा, झलकन सिंह राठौड़ सहित अन्य कर्मचारी नेता मौजूद रहे ।
