Wednesday, January 28, 2026
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युवाओं को सही दिशा एवं आदर्श प्रदान करने वाले विवेकानन्द सच्चे मार्गदर्शक

जयपुर, 10 जनवरी | भारत की धरती पर एक ऐसे सपूत ने जन्म लिया जिनका जीवन छोटा रहा लेकिन वह जितने दिन जिया उसी में अपनी अमिट छाप छोड़ गया जो आज के नोजवानो प्रेरणा दायी है हम बात कर रहे स्वामी विवेकानन्द जिन्होंने विश्व धर्म सम्मेलन अपने भाषण से पूरी दुनिया हिला कर रख दिया था | वह अद्भुत युवा संन्यासी- स्वामी विवेकानंद आइए जानते हैं उन पहलुओं को जिन्होंने स्वामी विवेकानंद को आकार दिया; नरेन्द्र को विश्व-विजेता विवेकानंद बनाया। विवेकानंद कहा करते थे यदि मैंने कभी एक भी हितकारी वचन बोला या कर्म किया, तो उसके वास्तविक स्रोत मेरे ठाकुर, मेरे गुरुदेव ही हैं।  इसलिए विवेकानंद बनने की ओर पहला चरण है उत्तिष्ठत जाग्रत प्राप्य वरान्निबोधत उठो जागो और एक पूर्ण महापुरुष को गुरुदेव के रूप में प्राप्त करो |
 
सन्‌ 1886 में ठाकुर के देहावसान के बाद स्वामी विवेकानंद व उनके गुरु-भाइयों के जीवन ने एक करवट ली। अत्यंत कठिन दौर उनके जीवन में आया। अभाव की इस स्थिति में भी उनके पास कुछ अनमोल था। वह था, अपने गुरुदेव के ज्ञान को विश्व की कगार तक पहुँचाने का जज़्बा  यही कारण है कि इन शिष्यों ने विपरीत परिस्थितियों के बीच रहकर प्रचंड साधना और अध्ययन किया। स्वयं का बौद्धिक और आध्यात्मिक निर्माण कर ये सभी अपने ठाकुर के मिशन की नींव के पत्थर बन गए। अतः विवेकानंद बनने का दूसरा सूत्र है संघर्ष और साधना है |

बनारस के दुर्गा मंदिर में एक ऐसी घटना ने  स्वामी विवेकानंद के जीवन का एक महत्त्वपूर्ण पाठ पढ़ाया। जब वह मंदिर परिसर में थे जब उन्हें बंदरों के झुंड ने घेर लिया। भय के मारे स्वामी भागने लगे। वानर और अधिक उद्दंड हो गए व गुर्राते हुए स्वामी के पीछे पड़ गए। इतने में एक संन्यासी ने ऊँची आवाज़ में पुकारते हुए स्वामी को हिदायत दी अरे रुको! डरो नहीं वानरों की आँखों में आँखें डाल कर स्थिर खड़े रहो  उनका सामना करो। विवेकानन्द ने हिदायत का पालन किया देखा कि वानर भाग खड़े हुए। इससे यह सिख मिलती है की जीवन में कोई भी परिस्थिति आ जाये उसका हिम्मत और साहस के साथ सामना करने पर वह आपको परेशान नहीं कर सकती है | स्वामी विवेकानन्द अनेक ऐसी घटनाये है जो यह सकती है हमें हर कठिनाई का सामना करने की हिम्मत पैदा कर उसका सामना करे साथ ही कोई ऐसा कार्य करे जिससे इस विश्व का कल्याण हो सके | यह सबक आज के आधुनिक युग के युवाओ के लिए स्वामी विवेकानन्द जीवन परिचय प्रेरणा का काम कर सकती है |

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