जयपुर, 21 दिसंबर। राजस्थान उच्च न्यायालय, जयपुर पीठ में संयुक्त अभिभावक संघ प्रदेश अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल द्वारा दायर जनहित याचिका (पीआईएल) पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। यह याचिका मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनआईटी), जयपुर जैसे शैक्षणिक परिसरों में ट्रेड फेयर/एक्सपो/प्रदर्शनी जैसे व्यावसायिक आयोजनों के खिलाफ दायर की गई है। मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा एवं न्यायमूर्ति श्रीमती संगीता शर्मा की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान प्रतिवादियों की ओर से जवाब प्रस्तुत करने हेतु समय मांगा गया, जिसे न्यायालय ने स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई 13 जनवरी 2026 को निर्धारित की है।
संयुक्त अभिभावक संघ का स्पष्ट कहना है कि शैक्षणिक संस्थान शिक्षा का मंदिर होते हैं, न कि व्यापारिक गतिविधियों का केंद्र। एमएनआईटी जैसे प्रतिष्ठित एवं सरकारी सहायता प्राप्त संस्थानों के परिसरों में व्यावसायिक मेलों का आयोजन न केवल शैक्षणिक वातावरण को प्रभावित करता है, बल्कि छात्र–छात्राओं की सुरक्षा, अनुशासन और शैक्षणिक गरिमा पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करता है। संघ ने आशा व्यक्त की कि न्यायालय इस गंभीर विषय पर सख्त दिशा-निर्देश जारी करेगा, ताकि भविष्य में किसी भी शैक्षणिक संस्थान में इस प्रकार की व्यावसायिक गतिविधियाँ न हो सकें और विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित रह सके।
