जयपुर, 18 दिसम्बर | दिव्य गुरु आशुतोष महाराज की असीम कृपा से दिव्य ज्योति जागृति संस्थान द्वारा बोध प्रकल्प – नशा उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत 20 दिसम्बर से शिव कथा का आयोजन होगा | इस शिव कथा में भगवान शिव के अलौकिक स्वरूप, डमरू, भस्म और मुंडमाला के आध्यात्मिक रहस्य तथा शिवत्व के गूढ़ तत्वों को अत्यंत प्रभावशाली एवं भावपूर्ण प्रस्तुति के माध्यम से जन-जन तक पहुँचाया जाएगा। कार्यक्रम के अंतर्गत रोमहर्षक प्रसंग, आत्मा को झकझोर देने वाले भजन एवं हृदयस्पर्शी प्रवचन तनाव, नशा और मानसिक अशांति से जूझ रहे लोगों को एक नई आध्यात्मिक दिशा प्रदान करेंगे।
दिव्य ज्योति जागृति संस्थान बोध प्रकल्पों के माध्यम से व्यक्ति के मानसिक, नैतिक एवं आध्यात्मिक जागृति हेतु निरंतर कार्य कर रहा है। इसी प्रकल्प के अंतर्गत आगरा रोड के 12 से अधिक स्कूलों में जागरूकता वर्कशॉप आयोजित की गईं, जहाँ नशा मुक्ति संदेश और भव्य शिव कथा के आयोजन की जानकारी दी गई। संस्थान के वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि भगवान शिव नशे के नहीं, बल्कि जागरूक चेतना, आत्म-संयम और संतुलित जीवन के प्रतीक हैं। भगवान शिव का ध्यान यह सिखाता है कि मन पर नियंत्रण ही वास्तविक स्वतंत्रता है। डमरू जीवन की संतुलित लय का प्रतीक है, भस्म आसक्ति-त्याग का संदेश देती है और मुंडमाला विचारों व विकारों पर विजय का संकेत है।
