जयपुर, 18 जून। जलदाय विभाग में रोजाना नित नए भ्रष्टाचार के मामले सामने आ रहे है । जलदाय विभाग के अधिकारी अपनी मनमानी करने पर आतुर है । वह सारे नियम कायदे ताक पर रख कर अपने चहेतो को फायदा पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे है । वहीं सरकार ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कोई ठोस कार्यवाही नहीं कर रही है । ऐसा ही एक मामला मुख्यमंत्री के गृह जिले भरतपुर का सामने आया है। जिसमें चहेती फर्मों को निविदाओं के आवंटन में अधिकारियों की भारी मनमानी सामने आईं है।
यह सारा मामला PHED ACS भास्कर ए सावंत को मिली अपील की सुनवाई में खुलासा हुआ । जिसमें भरतपुर क्षेत्र की निविदा संख्या 28/2024-25 में भारी अनियमितताएं बरती गई । जिस फर्म को टेंडर मिला उसको मनमाने तरीके से बाहर का रास्ता दिखाया गया। जलदाय विभाग के ACE भरतपुर ने निविदा खुलने के बाद नियम विरुद्ध टेंडर रद्द कर दिए थे । वहीं मुख्य अभियंता मनीष बेनीवाल ने सक्षम स्तर से मंजूरी लिए बिना निविदा रद्द कर दी थी ।

ACS सावंत मनमानी व अनियमितताओं को लेकर सख्त होते हुए मुख्य अभियंता मनीष बेनीवाल के खिलाफ उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए है साथ ही निविदा आवंटन में अनियमितता बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए । वहीं उन्होंने अपील स्वीकार करते हुए बोली को रद्द करने के संबंध में एसीई, पीएचईडी क्षेत्र भरतपुर द्वारा जारी कार्यालय आदेश संख्या 1290-94 दिनांक को अपास्त किया है । मुख्य अभियंता (शहरी) एवं सहायक अभियंता, पीएचईडी क्षेत्र भरतपुर को आरटीपीपी रू के तहत निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार मैसर्स कैलाश चंद चौधरी, जयपुर की बोली पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया जाता है। साथ ही मुख्य अभियंता (शहरी), पीएचईडी, जयपुर और सहायक अभियंता, पीएचईडी क्षेत्र के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू की जाय।


