कोटा, 12 मार्च | विधायक संदीप शर्मा ने कहा है कि भाजपा शासन के बजट राजस्थान के यशस्वी जनहितार्थ समर्पित मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और हमारी उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने प्रदेश के समग्र और सर्वांगीण विकास को समर्पित रहे वहीं कांग्रेस ने 5 साल के शासन में जनता को भरमाने और धोखा देने के अलावा कुछ नहीं किया। सदन में वित्त विधेयक और विनियोग विधेयक पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन में प्रदेश को ऐतिहासिक कर्जे में डुबो दिया, आजादी के बाद की सरकारों ने कुछ मिलाकर इतना ऋण नहीं लिया जितना कांग्रेस के 5 साल में लिया गया और इसका उपयोग मुफ्त की रेवड़ियां बांटने में किया गया, इनके वित्तीय कुप्रबंधन से प्रदेश निरंतर घाटे में डूबता चला गया | इसीलिए जनता ने गहलोत के खोखले बजट की जादूगरी को नकार दिया और भाजपा को सत्ता की चाबी सौंपी। जनादेश का मान रखते हुए हमने सबसे पहले प्रदेश की जरूरतों, भौगोलिक विविधताओं, समस्याओं और भावी सम्भावनाओं को समझा और सबको साथ लेकर सबकी जरूरत के अनुसार बजट तैयार किया। हमने न केवल अपने घोषणा पत्र की 58 प्रतिशत घोषणाओं को पूरा किया साथ ही गत बजट की 73 प्रतिशत घोषणाओं को पूरा करने का काम किया है। हमने हर उस क्षेत्र को छुआ है जो प्रदेश के लिए आय का स्रोत उत्पन्न कर सकता है। खनन के लिए प्रभावी नीति से अवैध खनन पर रोक और राजकोष में बढ़ोतरी हुई है।
भाजपा सरकार द्वारा राजस्थान को 2030 में 350 बिलियन डॉलर की इकोनोमी बनाने की योजना और रोडमेप को स्पष्ट करते हुए उन्होंने हमारे प्रदेश की जीएसडीपी 2025-26 में बढ़कर 19 लाख 89 हजार करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है जो पिछले साल की तुलना में 16.75 फीसदी अधिक है। इसी प्रकार राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 4.25 प्रतिशत रहने का अनुमान है जो एफआरबीएम अधिनियम के तहत अनुमत सीमा में है। हमने जनता पर करों का कोई नया भार नहीं डाला, इसके बावजूद भी कुशल वित्तीय प्रबंधन से घाटा सीमा में बनाये रखा। हमने पूंजीगत परिव्यय के लिए 53 हजार 686 करोड़ 15 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं, जो पिछले वर्ष से 40.22 प्रतिशत अधिक है। जिससे बुनियादी ढांचे को दृढ़ता प्रदान कर विकसित राजस्थान की नींव रखी जाएगी। राईजिंग राजस्थान समिट में निवेशकों ने 35 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। प्रत्येक योजना के लिए वित्तीय परिव्यय, भौतिक लक्ष्य और अपेक्षित परिणाम निर्धारित किए गए हैं। यह बजट पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करता है, और हमें यह मापने में मदद करता है कि हम अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में कितने सफल रहे हैं।
बजट में कोटा को मिली सौगातों के लिए मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि जहां कांग्रेस शासन में 7 हजार करोड़ का सजावटी विकास कोटा में हुआ वहां अब श्री मथुराधीश जी मंदिर कॉरिडोर विकास, चिकित्सा के क्षैत्र में मेडिकल कॉलेज में कैंसर युनिट एवं कॉटेज वार्ड 195 करोड़, मिनी सचिवालय, एयरपोर्ट के पास ऐरो सिटी, विश्वकर्मा स्किल इंस्टीट्यूट की स्थापना 150 करोड़ रुपये, कोटा में युवाओं के आत्महत्या के मामलों की रोकथाम हेतु युवा मानसिक विकास केन्द्र निर्माण करने की घोषणा, गोपालपुरा में नवीन औद्योगिक क्षेत्र, बालिका सैनिक स्कूल, स्पोर्ट स्कूल नई जेल, कोटा में टोय पार्क, बैराज में वाटर स्पोर्ट्स, पेरा स्पोट कॉम्प्लेक्स, कोटा में क्षतिग्रस्त सड़कों के निर्माण हेतु 35 करोड जैसे प्रावधान किए गए हैं जो आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के साथ ही अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करने का काम करेंगे।
