जयपुर, 21 फरवरी | अखिल राजस्थान लैब टेक्नीशियन कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष जितेंद्र सिंह के आह्वान पर आज पूरे प्रदेश में जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री , उपमुख्यमंत्री (वित्त) एवं चिकित्सा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे गए जिसमें खेमराज कमेटी की रिपोर्ट से आक्रोशित प्रदेश भर के लैब टेक्नीशियन ने जिला कलेक्टर कार्यालय जाकर कमेटी रिपोर्ट का दहन किया तथा खेमराज कमेटी मुर्दाबाद के नारे लगाए । लैब टेक्नीशियन संघ के प्रदेशाध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने बताया कि ट्यूबरक्लोसिस से लेकर के स्वाइन फ्लू एवं विश्व स्तरीय कोविड जैसे संक्रमणों का सबसे पहले चिकित्सा विभाग में लैब टेक्निशियन को सामना करना पड़ता है कोविड में जब मरीज से समाज और परिवारजनों ने दूरी बना ली थी तब मरीज के सबसे नजदीक लैब टेक्नीशियन ने रहकर के जांच कार्य को अंजाम दिया और आज खुशी है कि देश कोविड के भय से मुक्त है |
प्रधानमंत्री के 2025 में टीबी मुक्त भारत में सबसे अहम योगदान जांच व जांच करने वाले लैब टेक्नीशियन का है | राजस्थान में चिकित्सा का बेहतर मॉडल है जिसके चलते लगभग 6 से 7 पड़ोसी राज्यों के मरीजों का भार भी रहता है, लेकिन दुख तब होता है जब पड़ोस के राज्यों के लैब टेक्नीशियन को ग्रेड पे 4200 मिल रही हो और राजस्थान में उनसे उच्च शैक्षणिक एवं प्रशैक्षणिक योग्यताओं के बावजूद भी ग्रेड पे 2800 ही मिल रही है |
मीडिया प्रभारी संतोष शर्मा , महामंत्री तरुण सैनी एवं प्रवक्ता बालकृष्ण शर्मा ने बताया कि आज कोई भी सरकार रही हो वेतन विसंगतियां दूर करने के नाम पर सभी का एक ही फार्मूला रहा है जिसकी लाठी उसकी भैंस | विभाग हो या कमेटी लैब टेक्नीशियन की शैक्षणिक, प्रशैक्षणिक योग्यताओं के साथ संक्रमण भरे नेचर आफ जॉब को सबने दरकिनार किया है | अतिरिक्त महामंत्री हरफूल चेजारा, जिला अध्यक्ष विजय सिंह गॉड,अमित गौड, योगिता गुप्ता, नीलम पचौरी, विनय वशिष्ठ , जितेंद्र धायल,अमित जोशी ने बताया कि हम गांधीवादी तरीके से सरकार का ध्यान आकर्षित करते रहे हैं, लेकिन चिकित्सा विभाग एक संवेदनशील विभाग है यहां काम बंद करने से मरीजों को नुकसान होता है, लेकिन सरकार में लैब टेक्नीशियन की मांगों पर हमेशा से अनदेखी की गई है| ना ग्रेड पे बढ़ी ना कार्य के दबाव के अनुरूप स्टाफिंग पैटर्न बदला गया | आज प्रदेश भर में जिलों से ज्ञापन दिए गये हैं उम्मीद है लैब टेक्नीशियन की मांगे सुनी जाएगी |अगर मांगों पर अनदेखी हुई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा |
