जयपुर, 21 फरवरी। विधानसभा में विधायक संदीप शर्मा ने तारांकित प्रश्न के माध्यम से नये जेल भवन निर्माण का मामला उठाया । विधायक के कोटा सेंट्रल जेल में भवन पुराना और कैदियों की संख्या के अनुपात में छोटा होने के प्रश्न पर उत्तर देते हुए कारागार मंत्री ने बताया है कि कोटा जेल आवश्यकतानुसार छोटा है तथा वर्तमान में जेल भवन की बंदी क्षमता 1009 बंदियों की है एवं वर्तमान में 1559 बंदी इसमे में निरुद्ध है। जेल हेतु भूमि आवंटन के प्रश्न पर उन्होंने बताया की पूर्व में जेल भवन के लिए नगर विकास न्यास कोटा द्वारा खसरा नं. 1 धर्मपुरा कोटा में 30.00 है. भूमि दिनांक 24.06.13 को आवंटित की गयी थी। उक्त भूमि पर 1000-1000 बंदी क्षमता वाले दंडित तथा विचाराधीन बंदियों के लिये दो नवीन कारागार का निर्माण करवाया जाना था। किन्तु उक्त भूमि पर अतिक्रमण के कारण नगर विकास न्यास कोटा द्वारा दिनांक 13.12.21 को ग्राम शम्भुपुरा में 09.08 है. भूमि आवंटित की गयी है। ग्राम शम्भुपुरा में आवंटित भूमि पर नवीन केंद्रीय कारागृह कोटा के भवन निर्माण हेतु कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। ग्राम शम्भूपुरा में आवंटित भूमि पर केंद्रीय कारागृह कोटा के 1000 कैदियों की क्षमता के नवीन भवन का निर्माण दंडित बंदियों के लिये किया जाना है एवं वर्तमान केंद्रीय कारागार कोटा के भवन में विचाराधीन बंदियों को निरुद्ध रखा जावेगा।
विधायक संदीप शर्मा गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम से उनके कार्यालय में मिले और उन्हें अवगत करवाया कि कोटा में वर्तमान संचालित कारागार घनी आबादी क्षैत्र में संचालित हो रहा है तथा नई जेल का निर्माण कार्य प्रारम्भ होने के उपरान्त इस भवन का उपयोग मिनी सचिवालय या अन्य जन उपयोगी कार्य में किया जाना उचित होगा। उन्होंने मंत्री बेढम से आग्रह किया है कि मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने बजट में कोटा में नई जेल और मिनी सचिवालय दोनों की सौगात दी है इसलिए शम्भूपूरा में नए जेल भवन का निर्माण शीघ्र करवाया जाए और पुराना भवन केडीए को दे दिया जाए जिस पर मिनी सचिवालय या अन्य जनउपयोगी कार्य में किया जा सके। मंत्री बेढम ने विधायक शर्मा को भरोसा दिलाया है कि कोटा की जनता को राहत दिलवाने के लिए वे यथासम्भव प्रयास करेंगे।
