जयपुर। 19 फरवरी, 2025 राजस्थान सरकार के वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए राजस्थान की वित्त मंत्री दीया कुमारी विधानसभा में प्रस्तुत राज्य बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए राजस्थान चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री के अध्यक्ष डॉ. के. एल. जैन व मानद महासचिव डॉ अरुण अग्रवाल ने इस बजट को राजस्थान को प्रगति के पथ पर ले जाने वाला बजट करार दिया। वित्तीय वर्ष 2025-26 के प्रस्तुत बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. के. एल. जैन ने कहा कि राज्य की महिला वित्त मंत्री ने राज्य के विकास का एक नया खाका राज्य की जनता के समक्ष प्रस्तुत किया है। जैसा कि अपेक्षा थी इस बजट में, गाँव, गरीब, किसान, पशु पालक, महिला, स्वास्थ्य उद्यमी, निवेश प्रोत्साहन, युवा, बेरोजगारों, वरिष्ठ नागरिकों, स्वतंत्रता सेनानियों, पत्रकारों, छात्र-छात्राओं, कर्मचारियों पर्यावरण व वन संरक्षण आदि सभी के लिए कुछ न कुछ प्रावधान किये गये है, जो सराहनीय हैं। बजट में अंतिम व्यक्ति तक समस्त लाभ पहुँचे, इसके लिए किए गए प्रयास सराहनीय व स्वागत योग्य है।
डॉ. अरुण अग्रवाल बजट में स्टाम्प ड्यूटी में छूट की घोषणा की गई है, वर्ष 2017 के समय हटाई गई वैट पर 50 लाख रुपए तक की डिमांड राशि माफ की वहीं इससे अधिक बकाए पर ब्याज पेनल्टी पर 100 फीसद छूट मिलेगी। नगरीय क्षेत्रों में लीज राशि 30 सितंबर तक जमा करवाने पर ब्याज पेनल्टी में छूट मिलेगी। जो राजस्थान चैम्बर की लम्बे समय से मांग रही है। अल्प आय वर्ग के बुजुर्ग व्यक्तियों, एकल नारियों, विधवाओं तथा लघु एवं सीमांत कृषिकों को मिलने वाली पेंशन राशि बढ़ाने का एलान किया। अब यह पेंशन राशि 1250 रुपए प्रतिमाह दी जाएगी। साथ ही 70 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धजनों को घर पर ही निशुल्क दवा उपलब्ध कराने का ऐलान किया है साथ ही किसान सम्मान निधि को बढ़ाकर 9000 रुपये किया गया जो उनके लिए राहत भरा कदम है। किसान क्रेडिट कार्ड पर 5 लाख तक ऋण एवं गोपाल क्रेडिट कार्ड पर 2 लाख तक का ऋण उपलब्ध करवाया जायगा जो किसानो की ऋण का समस्या का समाधान करेगा।
60 करोड़ की लागत से जयपुर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फोर माइंस एंड मिरनल शुरू होगा। राजस्थान सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन पॉलिसी लाई जाएगी। 1.25 लाख घरों को पाइपलाइन गैस से जोड़ा जाएगा जिससे आमजन को राहत मिलेगी । 1 फरवरी 2025 से पहले इंडस्ट्रियल एरिया में बने वेयरहाउस भी अब रेगुलाइज किए जाने से इस उद्योग को बढावा मिलेगा। इसके साथ ही गेहूं की डैच् के ऊपर प्रति क्विंटल बोनस राशि को बढ़ाकर 150 रुपए का एलान किया गया। लखपति दीदी योजना का दायरा बढाया गया है इससे महिला आत्मनिर्भरता को बल मिलेगा जो महिला उत्थान के प्रति सरकार की सक्रियता को दर्शाता है। आज प्रस्तुत राज्य के बजट में कोई नवीन कर की घोषणा न करके राज्य सरकार ने जनता पर कोई आर्थिक बोझ नहीं डाला है अपितु राहत प्रदान की गई है। अतः कुल मिलाकर यह बजट राज्य की जनता को राहत प्रदान करने वाला, सर्वांगीण विकास को समर्पित प्रगतिशील बजट है, जो राज्य को प्रगति के पथ पर ले जाएगा ऐसा राजस्थान चैम्बर का प्रबल विश्वास है।
