जयपुर,10 दिसम्बर | आयुष मंत्रालय भारत सरकार के अंतर्गत राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान द्वारा देश का प्रकृति प्रशिक्षण अभियान में आमजन का प्रकृति परीक्षण किया जा रहा है। आज जयपुर जिला न्यायालय परिसर में जिला न्यायाधीश अजीत कुमार हींगर का प्रकृति परीक्षण कर जिला न्यायालय परिसर में अभियान की शुरुआत की गई, जिला न्यायालय में कार्यरत समस्त कर्मचारी अधिवक्ताओं एवं आने वाले परिवर्दियों का प्रकृति परीक्षण किया गया।
राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के उपनिदेशक चंद्रशेखर शर्मा एवं प्रशासन अधिकारी नरेश कुमार गुप्ता ने बताया कि डॉ भानु प्रताप सिंह के नेतृत्व में लगभग 20 चिकित्सकों की टीम ने जिला न्यायालय परिसर में 400 से अधिक आमजन का प्रकृति परीक्षण कर अभियान की शुरुआत की। देश का प्रकृति प्रशिक्षण अभियान के अंतर्गत राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान द्वारा पूरे जयपुर शहर और जयपुर के और जयपुर के आसपास के जिलों में भी बड़े स्तर पर आमजन का प्रकृति परीक्षण किया जा रहा है।
देश का प्रकृति प्रशिक्षण अभियान को लेकर राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के कुलपति प्रोफेसर संजीव शर्मा ने कहा हमारे शरीर मे वात, पित्त ओर कफ हमारी प्रकृति का निर्माण करने के साथ ओर इसे प्रभावित भी करते हैं। हमारे अच्छे स्वास्थ्य के लिए हमारे शरीर की प्रकृति को जानना हम सभी के लिये बहुत जरूरी है। आम जन के स्वास्थ्य के लिए पूरे देश में प्रकृति परीक्षण का अभियान चलाया जा रहा है। जिससे लाखों की संख्या में लोग अपना प्रकृति परीक्षण करवा कर अपनी प्रकृति के बारे में जानकारी ले रहे हैं। 25 दिसंबर तक इस अभियान के अंतर्गत राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के चिकित्सकों द्वारा सरकारी एवं निजी कार्यालय, संस्थानों, सार्वजनिक स्थानों पर आमजन का बड़ी संख्या में प्रकृति परीक्षण कर रहा है। अब तक 32000 से ज्यादा लोगों का प्रकृति परीक्षण राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान द्वारा किया जा चुका है और जल्द से जल्द अधिक से अधिक लोगों का प्रकृति परीक्षण किया जाएगा।
