Saturday, October 10, 2026
Homeराजस्थानआयुर्वेद संस्थान में विरेचन-रक्तमोक्षण शिविर के तहत हुआ रक्तदान

आयुर्वेद संस्थान में विरेचन-रक्तमोक्षण शिविर के तहत हुआ रक्तदान



जयपुर, 10 अक्टूबर। राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (मानद विश्वविद्यालय) में स्वास्थ्य संवर्धन के लिए 27 अक्टूबर तक निःशुल्क विरेचन एवं रक्तमोक्षण कर्म शिविर आयोजित किया जा रहा है। इसी के तहत आज को पंचकर्म विभाग, राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई और श्रीजी प्रसादम फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में रक्तदान शिविर लगाया गया। इसमें 80 लोगों ने रक्तदान कर मानव सेवा का संदेश दिया। संस्थान के कुलपति प्रो. संजीव शर्मा ने कहा कि पंचकर्म आयुर्वेद की महत्वपूर्ण चिकित्सा पद्धति है, जो शरीर की शुद्धि और स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में सहायक है। पंचकर्म विभागाध्यक्ष प्रो. गोपेश मंगल ने बताया कि शिविर में शारदीय विरेचन और रक्तमोक्षण के जरिए पित्त, रक्त विकार और त्वचा संबंधी समस्याओं के उपचार के लिए निःशुल्क चिकित्सा दी जा रही है।

राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के पंचकर्म विभागाध्यक्ष प्रो. गोपेश मंगल ने बताया कि शरद ऋतु में शरीर में जमा पित्त दोष को विरेचन कर्म के माध्यम से बाहर निकालने की आयुर्वेद में विशेष परंपरा है। वहीं, रक्तमोक्षण का उपयोग कुछ विशेष स्थितियों में, खासकर त्वचा संबंधी रोगों और रक्त विकारों के उपचार में किया जाता है। संस्थान में 27 अक्टूबर तक चल रहे निःशुल्क शिविर में मरीजों को विरेचन एवं रक्तमोक्षण की सुविधा दी जा रही है। इसका उद्देश्य आमजन को आयुर्वेद की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों का लाभ पहुंचाना और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है। रक्तदान शिविर कार्यक्रम में प्रो. उदयराज सरोज, प्रो. एच.एम.मीणा, प्रो. हरीश भाकुनी, प्रो. महेंद्र प्रसाद, डॉ. वैभव बापट, श्रीजी प्रसादम फाउंडेशन के रामावतार दुसाद और अशोक कुमार घिया मौजूद रहे।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular