जयपुर, 10 अक्टूबर । गावो विश्वस्य मातरः यानी गायें संपूर्ण विश्व की माताएं हैं। सनातन संस्कृति में गोसेवा को सबसे बड़ा धर्म और पुण्य का कार्य माना गया है। इसी पवित्र भाव को आत्मसात करते हुए सीकर में एक ऐसी मिसाल कायम की जा रही है, जो आज के समय में समाज के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बन चुकी है। श्री श्याम गौ सेवा परिवार समिति के तत्वावधान में सीकर की प्रसिद्ध श्री बंशीधर गौशाला में एक बार फिर गोसेवा का एक अनूठा कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह महज एक दिन का आयोजन नहीं है, बल्कि एक ऐसा संकल्प है जो हर महीने बिना रुके, पूरी निष्ठा के साथ निभाया जा रहा है।
आमतौर पर लोग पर्व-त्यौहारों या विशेष अवसरों पर ही धर्म-कर्म या सेवा कार्य करते हैं, लेकिन श्री श्याम गौ सेवा परिवार समिति की विशेषता यह है कि वे प्रत्येक माह की अमावस्या तिथि को नियमित रूप से गो सेवा कार्य करते आ रहे हैं। अमावस्या के पावन दिन पितरों के स्मरण और पुण्य प्राप्ति के साथ गोवंश की सेवा करने का यह नियम इस समिति को खास बनाता है। इसमें अशोक प्रजापत, राहुल और अरुण शर्मा, कन्हैयालाल, दीपक शर्मा और गजानंद वर्मा, मेघराज, किशोर लाल और विष्णु शर्मा, अरविंद टेलर और सुरेंद्र सहित कई समर्पित लोग मौजूद रहे। सभी ने मिलकर गौशाला परिसर में सेवा कार्य किया और गोवंश की देखभाल में अपना योगदान दिया।
