जयपुर, 13 सितम्बर | नशे की बढ़ती समस्या के खिलाफ जागरूकता, रोकथाम और नशा मुक्ति के प्रयासों को प्रभावी बनाने की दिशा में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान (DJJS) के ‘बोध-नशा उन्मूलन कार्यक्रम’ ने भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय (MSJE) के साथ नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA) के अंतर्गत दो वर्ष के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) किया है। जयपुर की संयोजिका साध्वी लोकेशा भारती ने बताया कि यह साझेदारी देश में नशे की रोकथाम एवं नशा मुक्ति के प्रयासों को व्यापक स्तर पर मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि बोध कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं सहित समाज के विभिन्न वर्गों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाएगा तथा नशे से दूर रहने के लिए सकारात्मक एवं सशक्त वातावरण तैयार करने के प्रयास किए जाएंगे।
समझौता ज्ञापन के अवसर पर साध्वी शिल्पा भारती, ग्लोबल कोऑर्डिनेटर, बोध-नशा उन्मूलन कार्यक्रम, DJJS के साथ गौरव गुप्ता एवं गौरव सारंग ने संस्थान का प्रतिनिधित्व किया। वहीं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से सुधांशु पंत, IAS, सचिव, आदि कारिक कुमार पांडेय, IAS, निदेशक तथा डॉ. संदीप आर. राठौड़, संयुक्त सचिव, ड्रग प्रिवेंशन एंड प्लानिंग डिवीजन की गरिमामयी उपस्थिति में एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। अश्वनी शर्मा (अखंड भारत मिशन) ने कहा कि यह पहल नशा मुक्ति के क्षेत्र में सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित नहीं करता, बल्कि उसके परिवार और पूरे समाज पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
