जयपुर, 4 अगस्त। व्यावसायिक प्रशिक्षकों की विभिन्न मांगों को लेकर शिक्षा संकुल जयपुर में शुरू की गई अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल एवं धरना दूसरे दिन भी लगातार जारी रहा। आंदोलनरत व्यावसायिक प्रशिक्षकों ने ठेका प्रथा समाप्त कर स्थायी नीति लागू करने सहित अपनी विभिन्न मांगों के समाधान की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। आंदोलन को उस समय और मजबूती मिली जब अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ ने धरना स्थल पर पहुंचकर व्यावसायिक प्रशिक्षकों के आंदोलन को अपना समर्थन दिया। उन्होंने प्रशिक्षकों की मांगों को जायज बताते हुए सरकार से सकारात्मक पहल कर समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की।
राजस्थान वोकेशनल ट्रेनर वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रशिक्षक पिछले कई वर्षों से ठेका प्रथा के तहत कार्य कर रहे हैं। इसके बावजूद बार-बार टेंडर प्रक्रिया के कारण प्रशिक्षकों को अस्थिरता और बेरोजगारी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशिक्षकों का कहना है कि लंबे समय से विभाग के समक्ष अपनी मांगें रखने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं किया गया है। आंदोलनकारियों ने कहा कि ठेका प्रथा समाप्त कर व्यावसायिक प्रशिक्षकों के लिए स्थायी नीति लागू की जाए, बीच सत्र में बेरोजगार किए गए प्रशिक्षकों को पुनः रोजगार दिया जाए तथा बकाया मानदेय का भुगतान करवाया जाए।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रघु पाल सिंह ने पदाधिकारियों से स्पष्ट किया कि जब तक सरकार की ओर से उनकी मांगों पर ठोस एवं सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल एवं धरना जारी रहेगा। धरना स्थल पर प्रदेशभर से आए व्यावसायिक प्रशिक्षक मौजूद रहे और उन्होंने एकजुट होकर आंदोलन को आगे जारी रखने का संकल्प लिया।
