जयपुर, 24 जून | स्थायी लोक अदालत, जयपुर मेट्रो द्वितीय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज को एक छात्र द्वारा जमा कराई गई 25,000 रुपये की शिक्षण शुल्क राशि वापस करने का आदेश दिया है। अदालत ने यूजीसी की फीस रिफंड पॉलिसी 2024-25 का हवाला देते हुए यह निर्णय सुनाया। अदालत ने यह फैसला प्रार्थी माधव खण्डेलवाल पक्ष में सुनाया है | माधव खंडेलवाल ने 1 अगस्त 2024 को बियानी लॉ कॉलेज में एल.एल.बी. प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश लेने हेतु 10,000 रुपये और 6 अगस्त 2024 को द्वितीय सेमेस्टर की 15,000 रुपये की फीस जमा की। बाद में प्रार्थी को पता चला कि कॉलेज विद्याधर नगर में न होकर कालवाड़ में स्थित है, जो उसके घर से 25 किलोमीटर दूर है। प्रार्थी की अधिवक्ता प्रमोद कुमार खण्डेलवाल ने बताया कि प्रार्थी ने 20 नवंबर 2024 को फीस वापसी हेतु आवेदन किया, लेकिन कॉलेज प्रशासन ने कोई जवाब नहीं दिया और ना ही लीगल नोटिस का कोई रिप्लाई ही दिया।
अध्यक्ष अनिता शर्मा एवं सदस्य कल्याण सहाय अग्रवाल की पीठ ने यूजीसी की फीस रिफंड पॉलिसी 2024-25 के क्लॉज डी का हवाला देते हुए कहा कि चूंकि प्रार्थी ने प्रवेश की अंतिम तिथि 5 दिसंबर 2024 से 15 दिन पूर्व ही फीस वापसी हेतु आवेदन कर दिया था, इसलिए प्रार्थी 100 प्रतिशत फीस वापसी का हकदार है। अदालत ने अप्रार्थी बियानी कॉलेज को 2 माह के भीतर 25,000 रुपये तथा 5,000 रुपये परिवाद व्यय एवं क्षतिपूर्ति के रूप में अदा करने का निर्देश दिया। समय पर राशि न देने पर 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज अलग से देय होगा। वही इस फैसले को शिक्षण संस्थानों के मनमाने व्यवहार पर कड़ी रोक के रूप में देखा जा रहा है।
यह फैसला उन सभी छात्रों एवं अभिभावकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, जो प्रवेश के दौरान फीस जमा करते हैं और बाद में किसी कारणवश प्रवेश छोड़ देते हैं। इस निर्णय ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रवेश की अंतिम तिथि से 15 दिन पहले फीस वापसी का आवेदन देने पर विद्यार्थी 100% रिफंड पाने का कानूनी अधिकार है। कोई भी संस्थान अपनी मनमानी शर्तों के आधार पर फीस रोक नहीं सकता। UGC दिशानिर्देश सभी संस्थानों पर बाध्यकारी हैं, चाहे वह निजी हो या सरकारी।
“यह निर्णय पूरे देश के छात्रों के लिए एक मार्गदर्शक सिद्धांत साबित होगा। कोई भी संस्थान अब छात्रों की फीस को मनमाने ढंग से रोक नहीं सकता। यूजीसी की गाइडलाइन कानूनी रूप से अनिवार्य है।”— प्रमोद कुमार खण्डेलवाल, प्रार्थी के अधिवक्ता
