जयपुर, 23 जून | बिहार के भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही हेतु माननीय राष्ट्रपति मुख्य न्यायाधीश नाम जिला कलेक्टर एक ज्ञापन दिया गया है | जिसमे निवेदन किया है कि संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत समस्त नागरिक को जीवन जीने का अधिकार है। हाल ही में बिहार के बिलौटी में एक युवक जो बाढ पीडित दलित, पिछडों के पुनर्वास की सुविधाओं के लिये लड रहा था और पुलिस प्रशासन से लगातार कई वर्षों से गुहार लगाते लगाते पूर्णरूप से परेशान हो चुका था, को पुलिस बल द्वारा सरेंडर करवाने के बाद गोलियों से भूनकर हत्या कर दी जो संविधान और न्याय की हत्या है। यदि कोई अपराध भी किया था तो पुलिस कानूनी कार्यवाही कर न्यायपालिका से सजा दिलवाती लेकिन बिहार के पुलिस बल द्वारा स्वयं ही न्यायपालिका की भूमिका निभाते हुये भरत तिवाडी की हत्या कर दी ।
देश के राष्ट्रपति और मुख्य न्यायाधीश से गुहार की है कि जब कार्यपालिका अपनी सीमाएं लाधे तो माननीय राष्ट्रपति बौर माननीय मुख्य न्यायाधीश महोदय को स्वप्रेरित प्रसंज्ञान लेकर दोषी अपराधियों को दंडित किया जाना चाहिये जिससे भविष्य में किसी भी निदोष व्यक्ति की इस प्रकार हत्या नही हो और देश के संविधान में वर्णित अधिकार और कर्तव्यों की भी रक्षा हो सके | इस अवसर पर फाइट फ़ोर राइट के प्रदेश अध्यक्ष सुनील उदेईया, विप्र महासभा के प्रदेश अध्यक्ष योगेन्द्र भारद्वाज, संयोजक जितेंद्र मिश्रा , युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष दीपेश मिश्र , महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष हर्षिता शर्मा, ममता मिश्रा, एड महावीर शर्मा, एड जितेंद्र शर्मा , डॉ सोमेन्द्र सारस्वत, कैलाश जोशी , नीरज शर्मा ,डॉ जीडी शर्मा, एड विवेक शर्मा सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे |
