जयपुर, 19 जून। राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (एनआईए) ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस–2026 की थीम योग फॉर हेल्दी एजिंग के अंतर्गत देशव्यापी 100-दिवसीय काउंटडाउन अभियान में उल्लेखनीय योगदान देते हुए देशभर में 30 से अधिक योग, स्वास्थ्य एवं जन-जागरूकता कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया। योग दिवस के उपलक्ष्य में शुक्रवार को एनआईए जयपुर द्वारा ज़ुम्बा एवं योग रैली का आयोजन किया गया। आमजन तक बेहतर स्वास्थ्य, निरोगी जीवन एवं स्वस्थ जीवन शैली का संदेश पहुंचाने के उद्देश्य से संस्थान परिसर से बड़ी चौपड़ तक भव्य योग रैली का आयोजन किया गया। इस रैली का नेतृत्व एनआईए के कुलपति प्रो. संजीव शर्मा ने किया। रैली में संस्थान के चिकित्सकों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए योग एवं आयुर्वेद को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के कुलपति प्रो. संजीव शर्मा ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित एवं सकारात्मक जीवन जीने की वैज्ञानिक पद्धति है। उन्होंने बताया कि एनआईए जयपुर ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस–2026 के 100-दिवसीय अभियान के दौरान भारतीय सेना, भारतीय वायुसेना, भारतीय नौसेना, बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, राजस्थान पुलिस, रेलवे, विश्वविद्यालयों तथा विभिन्न सरकारी संस्थानों में योग, तनाव प्रबंधन, समग्र स्वास्थ्य एवं कल्याण से जुड़े विशेष कार्यक्रम आयोजित किए हैं। संस्थान में आमजन एवं रोगियों के लिए नियमित रूप से निःशुल्क योग कक्षाएं संचालित की जाती हैं, जहां प्रशिक्षित विशेषज्ञों द्वारा व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति एवं रोग के अनुरूप योगाभ्यास कराया जाता है। इन गतिविधियों से अनेक लोगों को स्वास्थ्य लाभ प्राप्त हुआ है तथा योग के प्रति जागरूकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
मुख्य योग कार्यक्रम में राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान जयपुर में अध्ययनरत 18 देशों के 74 अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थी भी सहभागिता करेंगे। नेपाल, थाईलैंड, नीदरलैंड, बांग्लादेश, अफगानिस्तान, ब्राज़ील, सीरिया, ईरान, जाम्बिया, घाना, फ्रांस, टोगो, नाइजीरिया, तंजानिया, केन्या, मलावी, युगांडा, संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएसए), सूरीनाम तथा श्रीलंका से आए विद्यार्थी भारतीय योग एवं आयुर्वेद की वैश्विक स्वीकार्यता का प्रतिनिधित्व करेंगे। अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थी जयपुर के विश्व प्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक जंतर-मंतर से योग, आयुर्वेद एवं समग्र स्वास्थ्य का वैश्विक संदेश देंगे। उनकी सहभागिता वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना को साकार करते हुए यह दर्शाएगी कि योग और आयुर्वेद सम्पूर्ण मानवता के स्वास्थ्य, कल्याण एवं स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए एक प्रभावी जीवन पद्धति हैं।
