जयपुर, 8 जून | आज दिनांक 08 जून 2026 को अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) की प्रदेशव्यापी कर्मचारी जागृति यात्रा का सघन कार्यक्रम आयोजित हुआ। यह यात्रा आज जयपुर से रवाना होकर दौसा और अलवर होते हुए भरतपुर जिले में पहुँची। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य राज्य सरकार के समक्ष कर्मचारियों की लंबित एवं न्यायोचित मांगों को प्रभावी ढंग से रखना है। यात्रा जयपुर से शुरू हो कर दौसा पहुंची जहा अलवर जिले में कर्मचारियों के साथ संवाद करते हुए यह यात्रा डीग में कर्मचारी से संवाद करते हुए भरतपुर पहुँची। यात्रा के प्रत्येक पड़ाव पर जिले भर के कर्मचारियों ने भारी उत्साह के साथ भाग लिया और अपनी मांगों के समर्थन में एकजुटता का प्रदर्शन किया।
यात्रा का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों की मांगों पर सरकार का ध्यान आकर्षण करना है | जिसमे में आरजीएचएस के निजीकरण पर रोक लगाने, सरेंडर लीव का भुगतान तत्काल जारी करने, 8, 16, 24 एवं 32 वर्ष पर चयनित वेतनमान का लाभ देने, बजट घोषणाओं को लागू करने, संविदा एवं ठेका कर्मियों को नियमित करने, पदोन्नति में दो वर्ष की छूट बिना शर्त लागू करने तथा वाहन चालक एवं तकनीकी कर्मचारियों जैसे आइसोलेट संवर्गों को पदोन्नति पर आर्थिक लाभ देने सहित 25 सूत्रीय मांग पत्र पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।यात्रा के दौरान महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष गजेन्द्र सिंह राठौड़ ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि लंबे समय से लंबित मांगों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं।
इस अवसर पर महासंघ के महामंत्री मोहन लाल शर्मा, उपाध्यक्ष अजयवीर सिंह, राजस्थान राज्य कर्मचारी संघ के अध्यक्ष शेर सिंह यादव, ओम प्रकाश चौधरी, राजस्थान शिक्षक संघ (एकीकृत) के अध्यक्ष डॉ. रणजीत मीना, वन विभाग के प्रकाश यादव, राजस्थान वाटर वर्क्स कर्मचारी संघ के प्रभु सिंह एवं शशि कुमार शर्मा सहित अनेक पदाधिकारी एवं भारी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे। दोसा जिला तेजप्रकाश चतुर्वेदी, अलवर जिला अध्यक्ष पंकज शर्मा एवं भरतपुर के जिलाध्यक्ष योगेश कुमार ने यात्रा को मिले अभूतपूर्व समर्थन के लिए सभी साथियों का आभार व्यक्त किया और चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
