जयपुर, 7 जून । प्रताप नगर थाना क्षेत्र के सेक्टर-17 निवासी मनीष गर्ग की 15 वर्षीय पुत्री वंशिका गर्ग का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने के बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। रविवार को आरयूएचएस अस्पताल के बाहर परिजनों, समाजजनों एवं संयुक्त अभिभावक संघ के पदाधिकारियों ने एकत्रित होकर निष्पक्ष जांच और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। पिता मनीष गर्ग के अनुसार वंशिका 05 जून को अपनी माता की दुकान के पास से लापता हो गई थी। काफी तलाश के बाद भी कोई जानकारी नहीं मिलने पर परिवार ने उसी रात लगभग 10:30 बजे प्रताप नगर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। परिजनों का कहना है कि उन्होंने पुलिस को एक संदिग्ध युवक के संबंध में जानकारी एवं उसका मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराया गया था।
अगले दिन 06 जून को वंशिका का शव प्रताप नगर स्थित एआईएस रेजिडेंसी के बी-ब्लॉक क्षेत्र में मिला। यह क्षेत्र संवेदनशील माना जाता है, जहां कई वरिष्ठ अधिकारियों एवं प्रभावशाली व्यक्तियों के सरकारी आवास स्थित हैं। पिता का आरोप है कि मामले की जांच निष्पक्ष रूप से नहीं की जा रही तथा पुलिस की कार्यप्रणाली संदेह उत्पन्न कर रही है। मृतका के पिता ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन बिना परिवार को पर्याप्त सूचना दिए शव को अपने कब्जे में लेकर आरयूएचएस अस्पताल पहुंच गया। उनका कहना है कि परिवार को बेटी का शव देखने और घर ले जाने की अनुमति भी नहीं दी गई, जिससे उनकी आशंकाएं और गहरी हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस तथ्यों को स्पष्ट रूप से साझा नहीं कर रही तथा मामले में कई महत्वपूर्ण प्रश्न अब भी अनुत्तरित हैं। जिसके चलते समाजजनों से न्याय दिलवाने के लिए सामूहिक गुहार लगाई गई थी जिसके बाद रविवार को हॉस्पिटल के बाहर बड़ी संख्या में लोगों ने एकत्रित होकर न्याय की गुहार लगाई। संयुक्त अभिभावक संघ के प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू ने कहा कि किसी भी नाबालिग बालिका के लापता होने की सूचना मिलने पर पुलिस की तत्काल और प्रभावी कार्रवाई सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
