कोटा, 4 जून | दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के तत्वावधान में आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्वामी नरेंद्रानंद एवं स्वामी आदित्यानंद ने उपस्थित श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ज्ञान एवं प्रेरणादायी विचारों से लाभान्वित किया। स्वामी नरेंद्रानंद कहा कि मनुष्य के जीवन में ईश्वर भक्ति अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि भगवान के दर्शन एवं उनकी उपस्थिति का अनुभव जीवन को अनुशासित, संतुलित और व्यवस्थित बनाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मानव जीवन अस्त-व्यस्त और तनावपूर्ण हो गया है। इसका मुख्य कारण यह है कि मनुष्य भगवान से दूर होता जा रहा है।
उन्होंने बताया कि जब मनुष्य अपने जीवन में ईश्वर को स्थान देता है तब उसकी उपस्थिति जीवन को सही दिशा प्रदान करती है। भगवान की भक्ति व्यक्ति को नियमित दिनचर्या अपनाने, नियमों का पालन करने तथा सदाचारी पूर्ण जीवन जीने की प्रेरणा देती है। ईश्वर से जुड़ाव मनुष्य के भीतर सकारात्मक परिवर्तन लाता है और उसे आत्मिक शांति एवं आनंद की अनुभूति कराता है। परमात्मा का साक्षात्कार केवल जीवन को व्यवस्थित ही नहीं करता, बल्कि जीव को जन्म-जन्मांतर के बंधनों से भी मुक्त करने का मार्ग प्रशस्त करता है। आध्यात्मिक ज्ञान और ईश्वर भक्ति के माध्यम से मनुष्य अपने वास्तविक स्वरूप को पहचानकर जीवन के परम उद्देश्य को प्राप्त कर सकता है।
