जयपुर , 31 मई । भजनलाल सरकार के पेपर लीक के खिलाफ लागू किए गए सफल मेकैनिज्म( कार्य योजना) को राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने की मांग रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा गया है । पत्र में विकास की राह में राजस्थान को पूरे भारत का मॉडल प्रदेश घोषित करने के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद देते हुए मांग की गई हैं कि राजस्थान के मॉडल को लागू करते हुए पेपर लीक मुक्त राष्ट्र की अवधारणा को सफलता के साथ पुरा करने के लिए चीफ सेक्रेट्री स्थर पर टास्क फोर्स का घटन कर जयपुर जिला प्रशासन द्वारा लागू किये जा रहे मॉडल को संपूर्ण देश में लागू करें।
ऑल कोचिंग इंस्टिट्यूट महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष अनीष कुमार नाडार द्वारा लिखे गए इस पत्र में राजस्थान सरकार द्वारा आयोजित प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक को रोकने के लिए जयपुर जिला कलेक्ट्रेट प्रशासन तथा पुलिस प्रशासन द्वारा पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के लिए एसओजी के हेल्पलाइन, अवसाद में छात्रों में आत्महत्या के बढ़ते मामलों रोकने के लिए टेली मानस हेल्पलाइन एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षा एजेंसियों के हेल्पलाइन से प्रत्येक छात्र को जोड़ने का जिक्र करते हुए कहा गया हैं कि इस दिशा में राजस्थान प्रशासन ने गहन और सफल प्रयोग किया हैं इस प्रयोग की सफलता के कारण ही राजस्थान सरकार द्वारा आयोजित एक भी प्रतियोगी परीक्षा में पेपर लीक नहीं हुआ है । राजस्थान में पेपर लीक को रोकने में यही मेकैनिज्म काम आता दिख रहा हैं जिसके चलते पूर्व की सरकारों में हुए पेपर लीक एवं नकल घोटाले लगातार खुल रहे हैं और अपराधी सलाखों के पीछे जा रहे हैं।
महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष अनीष कुमार नाडार ने उच्च शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के नीट एक्जाम को रद्द कर पुनः आयोजित करने के फैसले की तारीफ की। इस निर्णय को साहसिक एवं ईमानदारी पूर्ण निर्णय बताते हुए हुए कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को यह अच्छी तरह मालूम था कि नीट परीक्षा रद्द करने के बाद उनके खिलाफ विपक्ष झूठा माहौल बनाएगा लेकिन उच्च शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इसकी परवाह किए बगैर अपनी ईमानदारी का परिचय दिया हैं इसके लिए वह हमेशा देश के डेढ़ करोड़ आबादी के दिल में बसे रहेंगे । कांग्रेस पार्टी और विपक्ष राजस्थान सरकार के 2 वर्ष के अच्छे कार्यों को पिछले 10 वर्षों से भी तुलना करें तो भी वह भजनलाल सरकार की अच्छाइयों को नहीं पहचान सकते कांग्रेस सरकार के राज में पेपर लीक हो जाने के बाद भी साबित करने के लिए छात्रों को सड़कों पर आना पड़ता था और अदालतों के चक्कर काटने पड़ते थे उसके बावजूद दोष साबित हो जाने के बाद भी अपराधियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता था। राजस्थान सरकार युवा शक्ति को कॉकरोच नहीं बल्कि पेपर लीक के खिलाफ लड़ने के लिए एवं अपने भविष्य को संवारने की शक्ति को समेटे हुए एक सक्षम और देशभक्त नागरिक बनाने का कार्य कर रहा है।
