जयपुर, 26 मई। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ के आह्वान पर आज दूसरे दिन भी प्रदेश के अधिकांश जिलों और विभागों के कर्मचारियों का तीखा आक्रोश देखने को मिला। राजस्थान सरकार द्वारा कर्मचारी हितों पर किए जा रहे कुठाराघात के विरोध में आज लगातार दूसरे दिन भी प्रदेश भर में कर्मचारियों ने 1 घंटे का सामूहिक कार्य बहिष्कार कर सांकेतिक प्रदर्शन किया ।
रमेश तिवाड़ी, प्रकाश यादव, राहुल यादव ने संयुक्त रूप से बताया कि सरकार कर्मचारियों के लोकतांत्रिक अधिकारों और सुविधाओं पर लगातार चोट कर रही है। कर्मचारियों की मुख्य मांगों में आरजीएचएस योजना का निजीकरण रोकने तथा समर्पित अवकाश (सरेंडर लीव) के भुगतान पर लगी अघोषित रोक को तुरंत हटाने, बजट घोषणा को पूरा करने, संविदा कर्मियों एवं ठेका कर्मियों को नियमित करने सहित महासंघ का 25 सूत्री मांग पत्र जिसमें विभिन्न संवर्ग की वेतन विसंगतियां और पदोन्नतीयां शामिल है को पूरा करे। इस सामूहिक कार्य बहिष्कार और प्रदर्शन के दौरान विभिन्न कर्मचारी संगठनों और जिलों के प्रमुख पदाधिकारी और कर्मचारी भारी संख्या में भाग ले रहे हैं।
अजयवीर सिंह ने बताया की प्रदर्शन के दौरान सभी पदाधिकारियों ने एक स्वर में सरकार की कर्मचारी-विरोधी नीतियों की घोर निंदा की। नेताओं ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि सरकार जल्द से जल्द कर्मचारी हितों को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक कदम उठाए और 25 सूत्री मांग पत्र , को पूरा करे अन्यथा आंदोलन लंबा चलेगा जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन की होगी।
