Wednesday, July 29, 2026
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दो नावों में सवार व्यक्ति अपने पद के साथ न्याय नहीं कर पाता – विप्र महासभा



जयपुर, 24 मई। विप्र महासभा द्वारा राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित ग़ैर राजनीतिक कार्यक्रम विप्र युवा संसद में समाज की दशा और दिशा पर चर्चा, मंथन और निर्णय हुआ । संसद में पहले से पंजीकृत सौ से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया जिसमे से क़रीब तीस लोगो ने अपने विचार रखे । संस्थापक सुनील उदेईया ने बताया कि युवाओ के विचार जानने के लिये पहली बार ऐसा आयोजन रखा जिसमे हमेशा श्रोता रहने वाले सदस्यों से मंच पर विचार रखवायें । विप्र संसद को मुख्य रूप से सुनील उदेईया, अनिल चतुर्वेदी, योगेन्द्र भारद्वाज, विजय कौशिक, जितेंद्र मिश्रा, डॉ सोमेन्द्र सारस्वत, डॉ अमिता शृंगी, हर्षिता शर्मा , संजू भारद्वाज, धर्मेंद्र बैनाडा, विक्रम पारीक, मोनू जागरिया, अमन भारद्वाज ने संबोधित किया ।

प्रदेश अध्यक्ष योगेन्द्र भारद्वाज ने बताया कि सामाजिक संगठनों में प्रमुख पदासीन पदाधिकारी राजनीतिक पार्टी से नहीं जुड़े और यदि जुड़ना है तो पद त्याग कर ही जाये जिससे पद के साथ न्याय हो दो नावों में सवारी से ना घर के ना घाट के रहते है । साथ ही युवा व्यापार की ओर बढ़े, सरकारी नौकरी सीमित है । ⁠युवा सोशल मिडिया पर अनावश्यक विवाद से बचें और सामाजिक गतिविधियों में भाग ले
वही राजस्थान की संस्कृति और परंपराओं को नष्ट होने से बचाए और पाश्चात्य संस्कृति की ओर बच्चों को धकेलने वाले आयोजनों का विरोध करे ।

महासभा में सर्वमान्य इस निर्णय पर जोर दिया कि विवाह, सामाजिक आयोजन में समाज फिजूलखर्ची के साथ अनावश्यक खाने पर रोक लगाएं। वही समाज को युवाओं को नशा उन्मूलन पर भी जोर देना चाहिए । ⁠सवर्ण ग़रीब परिवारों के बच्चों की शिक्षा और कल्याण के लिए EWS छात्रवृत्ति के लिए बजट और ज़िला स्तर पर हॉस्टल शुरू किए जाने के सरकार से प्रयास किया जाए।

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