जयपुर, 20 मई। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) द्वारा सरकार को कर्मचारियों की वर्तमान समस्याओं को लेकर कई बार अवगत कराया गया है, परंतु कोई सकारात्मक परिणाम न निकलने के कारण महासंघ के आह्वान पर आज प्रदेश के समस्त जिलों में जिला कलेक्टरों, विभागाध्यक्षों एवं कार्यालय प्रमुखों के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन प्रेषित किए गए। महासंघ के पदाधिकारी शेर सिंह यादव,अजयवीर सिंह और रवी शर्मा ने संयुक्त बयान में बताया कि आरजीएचएस योजना को किसी निजी बीमा कंपनी को सौंपने के बजाय पूर्व की भांति पूर्णतः सरकार के माध्यम से ही संचालित रखा जाए, रोके गए समर्पित अवकाश का लंबित भुगतान तुरंत किया जाए, पदोन्नति में दो वर्ष की शिथिलता दी जाए और संविदा कर्मियों को अविलंब नियमित करने सहित 25 सूत्री मांगपत्र को लेकर महासंघ ने आंदोलन के प्रथम चरण में आज 20 मई को प्रदेशभर में शांतिपूर्ण ढंग से ज्ञापन दिए गए हैं।
ज्ञापन के माध्यम से कर्मचारी महासंघ द्वारा सरकार को सूचित किया गया है कि यदि इन मांगों का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन के दूसरे चरण में आगामी 25 तारीख से अगले 7 दिवस तक प्रतिदिन दोपहर 12:30 बजे से 1:30 बजे तक 1 घंटे का सांकेतिक कार्य बहिष्कार कर विरोध दर्ज कराया जाएगा। महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इसके बाद भी यदि कर्मचारियों की मांगों का कोई सकारात्मक समाधान नहीं निकला, तो आंदोलन के अगले चरण में पूरे प्रदेश भर में ‘कर्मचारी जागृति यात्रा’ निकाली जाएगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
