जयपुर, 18 मई। मातृत्व की गरिमा, नारी शक्ति के जागरण एवं संस्कारवान समाज के निर्माण के उद्देश्य से दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की सामाजिक पहल डीजेेजेएस संतुलन रामचंद्र मंदिर में अंतर्राष्ट्रीय मातृ दिवस के उपलक्ष्य में एक भव्य एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम आयोजित किया गया। मातृ शक्ति तुभ्यं नमः विषय पर आधारित इस विशेष आयोजन में माताओं, युवाओं, शिक्षाविदों तथा विभिन्न सामाजिक क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर राजमाता जीजाबाई, रानी मदालसा एवं माता सुनीति जैसी महान विभूतियों के प्रेरणादायी जीवन प्रसंगों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि एक संस्कारित एवं जागृत माता ही आदर्श समाज का निर्माण कर सकती है।
भावपूर्ण भजनों एवं प्रेरणादायी विचारों ने उपस्थित महिलाओं को अपनी आंतरिक शक्ति पहचानने, आत्मविश्वास के साथ जीवन जीने तथा आने वाली पीढ़ियों को श्रेष्ठ संस्कार प्रदान करने के लिए प्रेरित किया। पूरा वातावरण मातृ शक्ति के सम्मान और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत दिखाई दिया। साध्वी लोकेशा भारती ने कहा कि वास्तविक महिला सशक्तिकरण केवल आर्थिक या सामाजिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं है, बल्कि आत्मिक जागृति, मानसिक दृढ़ता और अंतर्मन के विकास से पूर्ण होता है। उन्होंने कहा कि जब नारी अपने भीतर विद्यमान दिव्य चेतना को पहचानती है, तभी वह परिवार और समाज को सही दिशा प्रदान करने में सक्षम बनती है।
