जयपुर , 15 मई। सरकार जहाँ एक ओर बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और स्मार्ट सिटी का दावा कर रही है, वहीं धरातल पर निर्माण कार्यों में बरती जा रही लापरवाही इन दावों की पोल खोल रही है। ताजा मामला निवारू रोड पर लक्ष्मी नगर से नांगल क्रॉसिंग तक का है, जहाँ सड़क निर्माण के मानकों को ताक पर रखकर मिट्टी के ऊपर ही सीधे गिट्टी और डामर की परत बिछाई जा रही है।
तकनीकी नियमों के अनुसार, किसी भी पक्की सड़क के निर्माण से पहले जमीन का समतलीकरण (Leveling) और ‘रोलर’ से उसका ठोस कुटाई (Compaction) अनिवार्य है। इसके बाद बेस तैयार करने के लिए बड़े पत्थरों (GSB) और फिर छोटी गिट्टी की परत बिछाई जानी चाहिए। लेकिन इस परियोजना में ठेकेदार और विभाग की मिलीभगत से इन सभी चरणों को नजरअंदाज कर दिया गया है।
तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि पेवर मशीन कच्ची और धूल भरी जमीन पर ही हॉट-मिक्स डाल रही है। जानकारों का कहना है कि आधार (Base) मजबूत न होने के कारण पहली बारिश होते ही पानी नीचे की मिट्टी में समा जाएगा, जिससे डामर की यह पतली परत उखड़ जाएगी और पूरी सड़क बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो जाएगी। यह न केवल जनता के टैक्स के पैसों की बर्बादी है, बल्कि आने वाले समय में बड़े हादसों को भी आमंत्रण है।
इलाके के लोगों में भारी रोष व्याप्त है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि हमने कई बार काम रोककर गुणवत्ता सुधारने की मांग की, लेकिन ठेकेदार के कर्मचारियों ने अनसुना कर दिया। लोगों ने जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग (PWD) से मांग की है कि इस घटिया निर्माण की तुरंत जांच कराई जाए और जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई की जाए।
“मिट्टी पर सड़क बनाना भ्रष्टाचार का जीता-जागता सबूत है। अगर प्रशासन ने तुरंत दखल नहीं दिया, तो हम प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।” — के आर चौधरी, स्थानीय निवासी
