जयपुर, 15 मई | अखिल राजस्थान राज्य वाहन चालक एवं तकनीकी कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष अजयवीर सिंह ने राज्य सरकार के अधिकारियों द्वारा बिना सक्षम स्तर की लिखित अनुमति और यात्रा आदेश के अपने क्षेत्राधिकार से बाहर राजकीय वाहनों से निजी व राजकीय यात्राएं करने पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव महोदय को एक ज्ञापन सौंपा है। प्रदेश अध्यक्ष अजयवीर सिंह ने बताया कि अधिकांश विभागों के अधिकारी गण वित्त विभाग के परिपत्र क्रमांक प.9(1)वित्त-1(1)आ.व्य./2012 का स्पष्ट उल्लंघन कर रहे हैं, जिसके तहत कार्यक्षेत्र से बाहर राजकीय वाहन ले जाने के लिए विभागाध्यक्ष, प्रमुख शासन सचिव या संभागीय आयुक्त की पूर्व अनुमति अनिवार्य है, परंतु इस नियम की अवहेलना से राज्य सरकार पर अनावश्यक व्यय और ईंधन की खपत लगातार बढ़ रही है। ज्ञात हो की हाल ही में प्रधानमंत्री ने भी अनावश्यक ईंधन खपत को लेकर देशवासियों से अपील भी की ओर अपने काफिले को भी छोटा किया है।
संघ ने ध्यान आकर्षित किया है कि नियमानुसार यात्रा आदेश की प्रति वाहन चालक को भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए क्योंकि इसके अभाव में दुर्घटना की स्थिति में चालकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है और उनके यात्रा भत्ता बिल बनाने में भी दुविधा होती है। साथ ही अनेक वाहन चालकों द्वारा संघ को यह भी अवगत कराया है कि बिना आदेशों के यात्रा करने के उपरान्त अधिकारीगण द्वारा लॉग बुक को अन्यत्र दर्शाने हेतु चालकों पर अनुचित दबाव बनाया जाता है | ऐसा नहीं करने पर उनके खिलाफ द्वेषतापूर्ण कार्रवाई की जाती है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि इस संबंध में पूर्व में भी ज्ञापन (संख्या 501 दिनांक 05.05.25) सौंपा गया था, लेकिन आज दिनांक तक कोई ठोस आदेश जारी नहीं हुए हैं, इसलिए संघ ने मुख्य सचिव से मांग की है कि राजकीय वाहनों के दुरुपयोग और चालकों के उत्पीड़न को रोकने के लिए इस संबंध में पुनः स्पष्ट और कड़े निर्देश जारी कर अनुग्रहित करावें।
