जयपुर, 6 मई। प्रदेश में आमजन को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लगातार मिलावटखोरी के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम द्वारा रीको इंडस्ट्रियल एरिया, चितरोली (बगरू) स्थित फार्मा बायोलॉजिकल फर्म पर निरीक्षण एवं सैंपलिंग की कार्रवाई की गई। खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला ने बताया कि टीम को निरीक्षण के दौरान विभिन्न उत्पादों की लेबलिंग एवं गुणवत्ता से संबंधित अनियमितताएं मिलीं। कुछ उत्पादों पर लाइसेंस नंबर के स्थान पर रजिस्ट्रेशन नंबर अंकित पाया गया, जो नियमानुसार त्रुटिपूर्ण है। इसके अतिरिक्त कुछ फूड सप्लीमेंट्स के लेबल पर मार्केटिंग फर्म का खाद्य लाइसेंस अंकित नहीं पाया गया, जो फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड रेगुलेशंस का उल्लंघन है।
निरीक्षण में पाया गया कि निर्माता द्वारा निर्धारित अवधि में उत्पादों की अनिवार्य लैब जांच नहीं कराई गई थी। साथ ही फार्मा बायोलॉजिकल द्वारा अन्य फर्मों के लिए जॉब वर्क किया जा रहा था। मल्टी विटामिन B कॉम्प्लेक्स सिरप, मेलाटोनिन टैबलेट एवं आई फिस्ट टैबलेट के लेबल पर मार्केटिंग फर्म द्वारा FSSAI लाइसेंस नंबर के स्थान पर रजिस्ट्रेशन नंबर अंकित किया गया था। ग्लूकोज प्लस विटामिन B एवं D2, रेनाडिस्ट फूड सप्लीमेंट एवं प्री बायोटिक कैप्सूल के लेबल पर मार्केटिंग फर्म का खाद्य अनुज्ञा पत्र अंकित नहीं था, जो लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन ऑफ फूड बिजनेस रेगुलेशन्स, 2011 का उल्लंघन है। लगभग 1050 किलोग्राम अवधिपार आयोडाइज्ड नमक एवं 1-1 लीटर के तीन लीची फ्लेवर को मौके पर नष्ट कराया गया। विभाग द्वारा संबंधित इकाई को फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट की धारा 32 के तहत सुधारात्मक नोटिस जारी किया गया है।
