जयपुर। धौलपुर में अवैध खनन माफियाओं द्वारा वनरक्षक जितेंद्र सिंह शेखावत की निर्मम हत्या के विरोध में संयुक्त वन कर्मचारी संघ, राजस्थान द्वारा श्रद्धांजलि सभा एवं धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार की लचर नीतियों एवं वन विभाग की संवेदनहीनता को इस दुखद घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया। कर्मचारियों ने मांग की कि शहीद वनरक्षक जितेंद्र सिंह शेखावत को शहीद का दर्जा दिया जाए, उनके परिजनों को सरकार की ओर से ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए तथा प्रदेश के सभी रेंज कार्यालयों में पुलिस थानों की तर्ज पर पर्याप्त संसाधन, हथियार एवं वाहन उपलब्ध कराए जाएं।
धरना-प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित कर्मचारियों ने अरण्य भवन के गेट पर ताला लगाकर वन मंत्री का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया। उसके बाद श्रद्धांजलि सभा में 2 मिनट का मौन धारण कर पुष्पांजलि अर्पित कर कैंडल मार्च निकाला गया। इस आंदोलन में प्रदेश के समस्त जिलों से विभिन्न संवर्गों के पदाधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। समस्त वन कर्मचारी संगठनों द्वारा एक बड़ा आंदोलन करने का निर्णय लिया गया। सभा को महावीर शर्मा, गजेंद्र सिंह राठौड़, कमल यादव, भूपेंद्र जादौन, अजयवीर सिंह, प्रकाश यादव, देवी सिंह, महेंद्र चौधरी, श्रवण झाझडिया,शकुंतला शर्मा, रामवीर गुर्जर, चेतन नुनीवाल, हनुमान चौधरी, पृथ्वी सिंह, सुरेंद्र फौजी, रामावतार पुरी सहित अनेक पदाधिकारियों ने संबोधित किया।
