जयपुर, 11 अगस्त । आरटीई मामला लगातार गर्माता जा रहा हैं सोमवार को संयुक्त अभिभावक संघ के तत्वाधान में आरटीई में और राजस्थान सरकार और शिक्षा विभाग द्वारा चयनित विद्यार्थियों के अभिभावक एक बार फिर शिक्षा संकुल पर जुटे, बिना पेंट, दरी-पट्टी के भरी दोपहरी में ना केवल अभिभावकों ने सांकेतिक धरना दिया बल्कि इस धरने में दर्जनों बच्चों ने भी भाग लेकर राज्य सरकार और शिक्षा विभाग से दाखिला नहीं देने का कारण पूछते हुए प्रातः 11 बजे से धरना दिया, इस धरने में प्रदेश अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल, संदीप जैन छाबड़ा, रवि खंडेलवाल, पंडित लोकेश शर्मा, एडवोकेट मनोज जैन, एडवोकेट विकास शर्मा, एडवोकेट संतोष, अजय आर्य सहित सैकड़ों अभिभावक अपने बच्चों के साथ पहुंचे और सांकेतिक धरना दिया।
नवीन सत्र के आरटीई में प्रवेश के लिए 9 अप्रैल को शिक्षा मंत्री ने लॉटरी निकली | वही 17 जुलाई को शिक्षा निदेशक ने स्वयं सभी अधिकारियों को चयनित बच्ची के दाखिला सुनिश्चित करवाने के आदेश दिए थे आदेश नहीं मानने वाले और चयनित विद्यार्थियों को दाखिला नहीं देने वाले निजी स्कूलों पर कार्यवाही के आदेश दिए थे यहां स्वयं शिक्षा विभाग अपने आदेशों की धज्जियां उड़ा रहा हैं और राज्य सरकार मौन रहकर अभिभावकों के सपनों, अधिकारों का हनन करने के साथ ही मानसिक तनाव झेलने पर मजबुर कर रहे है। 23 जुलाई को विरोध के दौरान भी ज्ञापन दिया और 2 अगस्त को शिक्षा मंत्री से भी मुलाकात कर ज्ञापन दिया था किंतु अभिभावकों को कोई न्याय नहीं मिला जिसके चलते सोमवार को अभिभावकों को मजबूरीवश सांकेतिक धरना देना पड़ा, अगर अब भी सरकार और प्रशासन नहीं चेती तो अभिभावकों को आमरण अनशन करने पर मजबूर होना पड़ेगा।
